पवित्र रमजान का महत्व और समय सारणी
रमजान का पवित्र महीना मुस्लिम समुदाय के लिए आस्था, संयम और इबादत का समय होता है। यह वह पावन अवधि है जब रोजेदार सूर्योदय से सूर्यास्त तक न केवल भोजन-पानी से बल्कि बुरे विचारों और कर्मों से भी दूर रहते हैं। 05 अप्रैल 2025 को रमजान का पहला रोजा होगा, और इस दिन सहरी (Sehri) व इफ्तार (Iftar) का सही समय जानना हर रोजेदार के लिए आवश्यक है।
05 अप्रैल 2025 का सहरी और इफ्तार टाइम टेबल
नीचे दिए गए टाइम टेबल में आपको भारत के प्रमुख शहरों के लिए सहरी का अंतिम समय (Sehri End Time) और इफ्तार का समय (Iftar Time) मिलेगा:
भारत के प्रमुख शहरों के लिए समय सारणी
- दिल्ली: सहरी – 04:56 AM | इफ्तार – 06:42 PM
- मुंबई: सहरी – 05:12 AM | इफ्तार – 06:58 PM
- बेंगलुरु: सहरी – 05:04 AM | इफ्तार – 06:45 PM
- हैदराबाद: सहरी – 05:00 AM | इफ्तार – 06:40 PM
- कोलकाता: सहरी – 04:30 AM | इफ्तार – 06:10 PM
- चेन्नई: सहरी – 04:58 AM | इफ्तार – 06:35 PM
सहरी और इफ्तार का धार्मिक महत्व
सहरी वह समय होता है जब रोजेदार रोजा शुरू करने से पहले हल्का भोजन करते हैं। यह सुन्नत है और इसे न छोड़ने की सलाह दी जाती है। हदीस में आता है: “सहरी खाओ, क्योंकि इसमें बरकत होती है।” (सहीह बुखारी, 1923)
वहीं, इफ्तार वह पल होता है जब सूर्यास्त के बाद रोजा खोला जाता है। पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.) ने इफ्तार में जल्दी करने की सलाह दी है। एक हदीस के अनुसार: “लोग तब तक भलाई में रहेंगे, जब तक वे इफ्तार में जल्दी करेंगे।” (सहीह बुखारी, 1957)
रमजान में इबादत और दुआओं का समय
रमजान में तरावीह की नमाज, कुरान पढ़ना और दुआओं का विशेष महत्व है। इस महीने में की गई इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। इफ्तार के समय यह दुआ पढ़ने की सुन्नत है:
اللَّهُمَّ إِنِّي لَكَ صُمْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ
“ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोजा रखा और तेरे दिए हुए रिज़्क से इफ्तार किया।”
रोजेदारों के लिए स्वास्थ्य सुझाव
- सहरी में पौष्टिक आहार लें: फल, दही, ओट्स और ड्राई फ्रूट्स को शामिल करें।
- पानी की कमी न होने दें: इफ्तार और सहरी के बीच 8-10 गिलास पानी पिएं।
- तेलयुक्त भोजन से बचें: इफ्तार में फ्राइड फूड की जगह हेल्दी ऑप्शन चुनें।
रमजान का महीना इबादत, संयम और सहनशीलता का समय है। 05 अप्रैल 2025 को पहला रोजा रखने वाले सभी भाइयों और बहनों के लिए सहरी और इफ्तार का सही समय जानना अत्यंत आवश्यक है। ऊपर दी गई टाइम टेबल का पालन करें और इस पवित्र महीने में अल्लाह की रहमतों और बरकतों को प्राप्त करें।
सभी रोजेदारों के लिए दुआ है कि अल्लाह तआला हमारे रोजे, नमाज़ और दुआओं को कबूल करे। आमीन!

