रमज़ान 2025: 12 अप्रैल को सहरी और इफ्तार का समय
रमज़ान का पवित्र महीना मुस्लिम समुदाय के लिए आस्था, इबादत और रोज़े का समय होता है। यह वह महीना है जब अल्लाह की रहमतें बरसती हैं और हर नेकी का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है। 12 अप्रैल 2025 को रमज़ान के इस पाक महीने में सहरी और इफ्तार के समय की जानकारी हर मोमिन के लिए ज़रूरी है। आइए, इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि इस दिन कब तक सहरी खाई जा सकती है और किस वक्त इफ्तार किया जाएगा।
रमज़ान 2025: महत्व और आध्यात्मिकता
रमज़ान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है जिसमें पवित्र कुरआन का अवतरण हुआ। इस पूरे महीने में रोज़े रखना हर सक्षम मुसलमान पर फर्ज़ है। रोज़े सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि यह तक्वा (ईश्वर-भय) और आत्मसंयम सिखाते हैं।
- रोज़े की शुरुआत सहरी से होती है जो फज्र की अज़ान से पहले खत्म हो जाती है।
- दिनभर न कुछ खाया-पिया जाता है, न ही कोई गलत काम किया जाता है।
- शाम को मग़रिब की अज़ान के साथ इफ्तार करके रोज़ा खोला जाता है।
12 अप्रैल 2025 को सहरी और इफ्तार का समय
भारत के विभिन्न शहरों में समय में थोड़ा अंतर हो सकता है, लेकिन यहां हम मुख्य शहरों के अनुसार समय सारिणी प्रस्तुत कर रहे हैं:
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे बड़े शहरों में समय
- सहरी का अंतिम समय: 04:45 AM (लगभग)
- इफ्तार का समय (मग़रिब): 06:38 PM (लगभग)
नोट: यह समय स्थानीय मस्जिदों या इस्लामिक सेंटर्स द्वारा जारी किए गए समय के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है। सटीक समय के लिए अपने नज़दीकी मस्जिद से पुष्टि करें।
अन्य प्रमुख शहरों में समय
- हैदराबाद: सहरी – 04:42 AM, इफ्तार – 06:35 PM
- बेंगलुरु: सहरी – 04:58 AM, इफ्तार – 06:42 PM
- लखनऊ: सहरी – 04:38 AM, इफ्तार – 06:32 PM
सहरी और इफ्तार की दुआएं
रोज़े की नीयत और दुआएं इसकी अहमियत को और बढ़ा देती हैं। यहां कुछ महत्वपूर्ण दुआएं दी जा रही हैं:
सहरी की दुआ
وَبِصَوْمِ غَدٍ نَّوَيْتُ مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ
“व बिसौमि गदिन नवैतु मिन शहरि रमज़ान”
(मैं रमज़ान के महीने के कल के रोज़े की नीयत करता/करती हूं।)
इफ्तार की दुआ
اللَّهُمَّ لَكَ صُمْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ
“अल्लाहुम्मा लका सुमतु व अला रिज़्किका अफ्तरतु”
(ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा और तेरे दिए हुए रिज़्क से इफ्तार किया।)
रोज़े के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
- सहरी में पौष्टिक आहार लें जिससे दिनभर एनर्जी बनी रहे।
- ज्यादा नमक या मसालेदार भोजन से परहेज करें जिससे प्यास न लगे।
- इफ्तार में खजूर और पानी से रोज़ा खोलने की सुन्नत का पालन करें।
- रोज़े के दौरान गपशप, झूठ या किसी को दुख पहुंचाने वाले कामों से बचें।
निष्कर्ष
रमज़ान का यह पवित्र महीना हमें सब्र, शुक्र और इबादत का पाठ पढ़ाता है। 12 अप्रैल 2025 को सहरी और इफ्तार के सही समय का पालन करके हम इस महीने की बरकतों को हासिल कर सकते हैं। याद रखें कि रोज़ा सिर्फ भूखा रहना नहीं, बल्कि अपने अंदर की बुराइयों को भी भूखा रखना है। अल्लाह हम सभी को इस रमज़ान की पूरी बरकतें अता करे और हमारे रोज़े, नमाज़ और दुआएं कुबूल करे। आमीन!
