रमजान का पवित्र महीना मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह महीना इबादत, रोजे और दुआओं का होता है, जिसमें सहरी और इफ्तार का समय अहम भूमिका निभाता है। 14 अप्रैल 2025 को रोजेदारों के लिए सहरी और इफ्तार का सही समय जानना बेहद जरूरी है ताकि वे अपने रोजे पूरी निष्ठा से रख सकें.
14 अप्रैल 2025 का सहरी और इफ्तार टाइम टेबल
नीचे दिए गए टाइम टेबल में आपको भारत के प्रमुख शहरों के लिए सहरी और इफ्तार का सटीक समय मिलेगा:
दिल्ली (Delhi)
- सहरी का समय: 04:45 AM
- इफ्तार का समय: 06:52 PM
मुंबई (Mumbai)
- सहरी का समय: 05:12 AM
- इफ्तार का समय: 07:05 PM
लखनऊ (Lucknow)
- सहरी का समय: 04:38 AM
- इफ्तार का समय: 06:45 PM
हैदराबाद (Hyderabad)
- सहरी का समय: 04:58 AM
- इफ्तार का समय: 06:50 PM
बेंगलुरु (Bangalore)
- सहरी का समय: 05:05 AM
- इफ्तार का समय: 06:48 PM
सहरी और इफ्तार का महत्व
रमजान में सहरी और इफ्तार दोनों का विशेष धार्मिक महत्व है। सहरी रोजे की शुरुआत होती है, जबकि इफ्तार रोजे के समापन का प्रतीक है।
सहरी का आध्यात्मिक महत्व
- सहरी के समय खाना खाकर रोजा रखना सुन्नत है।
- इस समय की गई दुआओं को अल्लाह स्वीकार करते हैं।
- सहरी खाने से शरीर को पूरे दिन के उपवास के लिए ऊर्जा मिलती है।
इफ्तार का आध्यात्मिक महत्व
- इफ्तार के समय खजूर और पानी से रोजा खोलना सुन्नत है।
- इफ्तार की दुआओं का विशेष फल मिलता है।
- इफ्तार के बाद मगरिब की नमाज पढ़ना जरूरी होता ह
रमजान में पढ़ने वाली दुआएँ
रमजान के पवित्र महीने में कुछ विशेष दुआओं का पाठ करना चाहिए:
सहरी की दुआ
“वा बिसौमिका अल्लाहुम्मा अतूबु इलैका वा अता’मलु वा अशरबु वा लिका असमतु वा अला रिज़्किका अफ्तरतु.”
इफ्तार की दुआ
“अल्लाहुम्मा लका सुमतु वा अला रिज़्किका अफ्तरतु.”
रमजान में स्वास्थ्य सुझाव
रोजे के दौरान स्वस्थ रहने के लिए कुछ जरूरी सुझाव:
- सहरी में हेल्दी खाना: प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन लें।
- पानी की कमी न होने दें: सहरी में भरपूर पानी पिएँ।
- इफ्तार में हल्का भोजन: तला हुआ खाने से बचें।
- नमाज और व्यायाम: हल्की एक्सरसाइज करते रहें।
14 अप्रैल 2025 को रमजान का एक महत्वपूर्ण दिन होगा। सहरी और इफ्तार का सही समय जानकर आप अपने रोजे पूरी श्रद्धा से रख सकते हैं। यह महीना इबादत, तौबा और रहमत का है, इसलिए इसका पूरा लाभ उठाएँ।
अल्लाह हम सभी के रोजे कुबूल करे और हमें इस पवित्र महीने की बरकतों से नवाजे। आमीन!
