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Ramadan 2025 Sehri And Iftar Time Table 19 April 2025 जानें सहरी और इफ्तार का समय

रमजान 2025 में 19 अप्रैल के सहरी और इफ्तार का सटीक समय जानें। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार पूरे दिन के रोज़े की तैयारी करें और समय पर सेहरी व इफ्तार करें।

Published July 2, 2026
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4 Min Read

रमज़ान 2025: 19 अप्रैल को सहरी और इफ्तार का समय

रमज़ान का पवित्र महीना मुसलमानों के लिए आत्मशुद्धि, इबादत और रहमत का समय होता है। इस दौरान सहरी और इफ्तार का विशेष महत्व होता है। 19 अप्रैल 2025 को रोज़े की शुरुआत सुबह की नमाज़ (फज्र) से पहले सहरी खाकर की जाती है और शाम को मग़रिब की नमाज़ के समय इफ्तार किया जाता है। आइए, इस पवित्र दिन के समय सारणी और इसके आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से जानें।

Contents
रमज़ान 2025: 19 अप्रैल को सहरी और इफ्तार का समय19 अप्रैल 2025 के लिए सहरी और इफ्तार का समयसहरी का आध्यात्मिक महत्वसहरी के लिए स्वस्थ आहार सुझावइफ्तार: आशीर्वाद और एकता का क्षणसुन्नत के अनुसार इफ्तार कैसे करें?19 अप्रैल 2025 के लिए विशेष दुआएँरमज़ान 2025 में स्वास्थ्य संबंधी सलाहनिष्कर्ष: पवित्रता और संयम का समय

19 अप्रैल 2025 के लिए सहरी और इफ्तार का समय

  • सहरी का अंतिम समय: सुबह 04:45 AM (स्थानीय समयानुसार अलग-अलग हो सकता है)
  • इफ्तार का समय: शाम 06:32 PM (मग़रिब की अज़ान के साथ)
  • रोज़े की अवधि: लगभग 14 घंटे 47 मिनट

सहरी का आध्यात्मिक महत्व

सहरी रमज़ान के रोज़े की शुरुआत का प्रतीक है। यह समय अल्लाह की रहमत और बरकत का होता है। हदीस में आता है कि “सहरी खाने में बरकत होती है” (सहीह बुखारी)। इसलिए, रोज़ेदारों को सहरी ज़रूर करनी चाहिए, भले ही थोड़ा पानी पीकर ही क्यों न हो।

सहरी के लिए स्वस्थ आहार सुझाव

  • पानी: भरपूर मात्रा में पिएं ताकि दिनभर हाइड्रेटेड रहें।
  • प्रोटीन: अंडे, दही या दालें लें जो धीरे-धीरे पचती हैं।
  • फाइबर: ओट्स, साबुत अनाज और फलों से पेट भरा रहेगा।
  • नारियल पानी या छाछ: इलेक्ट्रोलाइट्स का अच्छा स्रोत।

इफ्तार: आशीर्वाद और एकता का क्षण

इफ्तार का समय सिर्फ भूख-प्यास खत्म करने का नहीं, बल्कि शुक्राने (आभार) और दुआ का पल होता है। पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने कहा, “रोज़ेदार के लिए इफ्तार के समय की दुआ कभी निराश नहीं होती।” (इब्न माजा)

सुन्नत के अनुसार इफ्तार कैसे करें?

  • खजूर या पानी से इफ्तार शुरू करें (अगर खजूर न हो तो कोई मीठी चीज़)।
  • धन्यवाद की दुआ पढ़ें: “अल्लाहुम्मा लक सुम्तु वा अला रिज़्किका अफ्तरतु” (हे अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा और तेरे दिए रिज़्क से इफ्तार किया)।
  • हल्का नमाज़ (मग़रिब) पढ़ने के बाद संतुलित भोजन करें।

19 अप्रैल 2025 के लिए विशेष दुआएँ

रमज़ान की हर रात में अल्लाह की रहमत बरसती है। इस दिन पढ़ने के लिए कुछ खास दुआएँ:

  • माफी की दुआ: “रब्बिग़फिर वार्हम वा अंत खैरुर्राहिमीन” (हे मेरे रब! मुझे माफ कर दें और मुझ पर रहम करें, निस्संदेह आप सबसे बड़े रहम करने वाले हैं)।
  • रिज़्क की दुआ: “अल्लाहुम्म इन्नी असअलुका इल्मन नाफिआ वा रिज़्कन वासिआ वा शिफ़ाअन मिन कुल्ली दाइन” (हे अल्लाह! मैं आपसे लाभदायक ज्ञान, विस्तृत रिज़्क और हर बीमारी से शिफ़ा मांगता हूँ)।

रमज़ान 2025 में स्वास्थ्य संबंधी सलाह

लंबे समय तक रोज़ा रखने के दौरान सेहत का ध्यान रखना ज़रूरी है:

  • सहरी में नमक कम लें ताकि दिनभर प्यास न लगे।
  • इफ्तार के बाद 20-30 मिनट टहलें ताकि भोजन अच्छे से पचे।
  • तली हुई चीज़ें कम खाएं और फलों का जूस या सूप पिएं।
  • दिन में छाया में रहें और शारीरिक श्रम कम करें।

निष्कर्ष: पवित्रता और संयम का समय

19 अप्रैल 2025 का रोज़ा हमें सहरी और इफ्तार के माध्यम से अल्लाह की इबादत करने का अवसर देता है। याद रखें कि रमज़ान सिर्फ भूखा रहने का नहीं, बल्कि अपने अंदर की बुराइयों को त्यागने का महीना है। सहरी और इफ्तार के समय का पालन करके हम इस महीने की पूरी बरकत हासिल कर सकते हैं। आप सभी को रमज़ान मुबारक!

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