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रमजान 2025 सहरी और इफ्तार टाइम टेबल: 23 अप्रैल 2025, जानें सहरी और इफ्तार का समय
रमजान का पवित्र महीना मुसलमानों के लिए आत्मशुद्धि, इबादत और सब्र का समय होता है। इस दौरान सहरी और इफ्तार के समय का विशेष महत्व होता है। 23 अप्रैल 2025 को रोजेदारों के लिए सहरी और इफ्तार के सही समय की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। यह लेख आपको इस दिन के समय सारणी, धार्मिक महत्व और उपयोगी सुझावों से अवगत कराएगा।
रमजान 2025 में 23 अप्रैल का विशेष महत्व
23 अप्रैल 2025 को रमजान का 24वां रोजा होगा। यह महीने के अंतिम अशरा (दस दिन) में आता है, जिसे लैलतुल कद्र (शब-ए-कद्र) की तलाश के लिए जाना जाता है। इस दिन रोजेदारों को विशेष इबादत और दुआओं पर ध्यान देना चाहिए।
- सहरी का समय: भोर से पहले अंतिम भोजन
- इफ्तार का समय: सूर्यास्त के बाद रोजा खोलने का पवित्र क्षण
- तारावीह नमाज: रात में विशेष इबादत
23 अप्रैल 2025 के लिए सहरी और इफ्तार टाइम टेबल
भारत के प्रमुख शहरों में 23 अप्रैल 2025 के लिए अनुमानित समय सारणी निम्नलिखित है:
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब
- सहरी समाप्ति: 04:45 AM (IST)
- इफ्तार समय: 06:52 PM (IST)
मुंबई, महाराष्ट्र, गोवा
- सहरी समाप्ति: 05:12 AM (IST)
- इफ्तार समय: 07:05 PM (IST)
बंगलुरु, चेन्नई, दक्षिण भारत
- सहरी समाप्ति: 05:00 AM (IST)
- इफ्तार समय: 06:40 PM (IST)
कोलकाता, पूर्वी भारत
- सहरी समाप्ति: 04:20 AM (IST)
- इफ्तार समय: 06:15 PM (IST)
सहरी और इफ्तार का धार्मिक महत्व
इस्लाम में सहरी को अल्लाह की विशेष रहमत माना गया है। हदीस में आता है: “सहरी खाओ, क्योंकि सहरी में बरकत होती है” (बुखारी)। वहीं इफ्तार का समय दुआओं के कुबूल होने का पल होता है। पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.) ने फरमाया: “रोजेदार के इफ्तार के समय की दुआ कभी नहीं ठुकराई जाती” (इब्न माजा)।
सहरी के समय ध्यान रखने योग्य बातें
- हलाल और पौष्टिक भोजन ग्रहण करें
- पानी की पर्याप्त मात्रा लें
- सहरी के बाद दुआ-ए-सहरी पढ़ें
इफ्तार के समय की सुन्नतें
- खजूर या पानी से रोजा खोलें
- दुआ-ए-इफ्तार पढ़ें: “अल्लाहुम्मा लक सुम्तु व अला रिज्किका अफ्तरतु”
- जरूरतमंदों को इफ्तार कराएं
रमजान के अंतिम अशरे की विशेषताएं
23 अप्रैल 2025 को रमजान के तीसरे अशरे में होगा, जिसे नजात का अशरा (मुक्ति का दशक) कहा जाता है। इस दौरान विशेष रूप से:
- इतिकाफ: मस्जिद में बैठकर इबादत
- कुरआन तिलावत: पूरे कुरआन का पाठ
- दान-सदका: जकात और फितरा अदा करना
लैलतुल कद्र की तैयारी
23 अप्रैल की रात शब-ए-कद्र हो सकती है, जो हजार महीनों से बेहतर है (सूरह अल-कद्र)। इस रात को पाने के लिए:
- पूरी रात इबादत में गुजारें
- अल्लाह से माफी और रहमत की दुआ मांगें
- कुरआन पढ़ें और उस पर अमल करने का संकल्प लें
स्वास्थ्य सुझाव: गर्मियों में रोजे के दौरान
अप्रैल की गर्मी में रोजा रखते समय स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें:
सहरी में क्या खाएं?
- प्रोटीन युक्त भोजन: अंडे, दालें, दही
- जटिल कार्बोहाइड्रेट्स: ओट्स, साबुत अनाज की रोटी
- हाइड्रेशन: नारियल पानी, तरबूज, खीरा
इफ्तार में सावधानियां
- तेलयुक्त भोजन से बचें
- धीरे-धीरे खाएं, अचानक अधिक न खाएं
- शुगर वाले पेय की बजाय फ्रेश जूस लें
निष्कर्ष
23 अप्रैल 2025 का रोजा रमजान के सबसे पवित्र दिनों में से एक होगा। सहरी और इफ्तार के सही समय का पालन करके, अल्लाह की इबादत में डूबकर और जरूरतमंदों की मदद करके हम इस महीने की सच्ची रूह को समझ सकते हैं। यह समय आत्मिक शुद्धि, सामाजिक एकता और दैवीय कृपा प्राप्ति का सुनहरा अवसर है। मुबारक हो आप सभी को यह पवित्र महीना!
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