रमज़ान 2025: 27 अप्रैल को सहरी और इफ्तार का समय
रमज़ान का पाक महीना मुसलमानों के लिए आत्मशुद्धि, इबादत और रहमत का समय होता है। इस पवित्र महीने में सहरी और इफ्तार के समय का विशेष महत्व है। 27 अप्रैल 2025 को रोज़े की तैयारी के लिए सही समय जानना हर मोमिन के लिए ज़रूरी है। आइए, इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि इस दिन सहरी कब तक है और इफ्तार किस समय किया जाएगा।
27 अप्रैल 2025 का सहरी और इफ्तार टाइम टेबल
- सहरी का अंतिम समय: सुबह 04:45 AM (स्थानीय समयानुसार अंतर हो सकता है)
- इफ्तार का समय (रोज़ा खोलने का समय): शाम 06:38 PM
- रोज़े की अवधि: लगभग 14 घंटे 53 मिनट
सहरी का महत्व और तैयारी
सहरी रमज़ान के रोज़ों की एक अहम सुन्नत है। पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.) ने कहा है: “सहरी करो, क्योंकि सहरी में बरकत होती है।” (बुखारी)
सहरी के समय ध्यान रखने योग्य बातें
- हल्का और पौष्टिक भोजन करें जो पूरे दिन ऊर्जा दे।
- पानी की पर्याप्त मात्रा लें ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।
- सहरी के समय दुआ ज़रूर पढ़ें: “वजहास्तु सवमी ग़रामी वअला रिज़्क़िका अतवक्कल्तु”
- अज़ान से पहले ही खाना-पीना बंद कर दें।
इफ्तार की फ़ज़ीलत और आदाब
इफ्तार का समय अल्लाह की रहमत का विशेष पल होता है। हदीस में आता है: “रोज़ेदार के लिए इफ्तार के समय की दुआ कभी नहीं ठुकराई जाती।” (इब्ने माजा)
इफ्तार करने का सही तरीका
- खजूर या पानी से रोज़ा खोलें (सुन्नत तरीका)।
- यह दुआ पढ़ें: “अल्लाहुम्मा लक सुम्तु व अला रिज़्क़िका अफ्तरतु”
- जल्दबाज़ी न करें, धीरे-धीरे भोजन करें।
- ग़रीबों और ज़रूरतमंदों को इफ्तार कराएं (सदका-ए-फ़ित्र)।
27 अप्रैल के विशेष नोट
चूंकि यह रमज़ान के आखिरी दस दिनों में है, इसलिए इस दिन का विशेष महत्व है:
- लैलतुल क़द्र की तलाश में इबादत को और बढ़ा दें।
- क़ुरान ख़त्म करने का प्रयास करें (ख़ात्म-ए-क़ुरान)।
- इफ्तार के बाद तरावीह की नमाज़ ज़रूर पढ़ें।
स्थानीय समय में अंतर कैसे पता करें?
उपरोक्त समय सामान्य अनुमान पर आधारित है। सटीक समय जानने के लिए:
- अपने मोबाइल ऐप्स (जैसे Muslim Pro, Islamic Finder) का उपयोग करें
- स्थानीय मस्जिद द्वारा जारी टाइम टेबल देखें
- सूर्योदय/सूर्यास्त के वैज्ञानिक समय की जाँच करें
निष्कर्ष
27 अप्रैल 2025 के रोज़े में सहरी का अंतिम समय सुबह 04:45 AM और इफ्तार शाम 06:38 PM पर होगा। यह रमज़ान का पवित्र समय है जब हमें अल्लाह की इबादत, दुआओं और इंसानियत की सेवा में ज़्यादा से ज़्यादा वक्त बिताना चाहिए। मुबारक रमज़ान की तैयारी के लिए इस जानकारी को अपने परिवार और दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करें।
