रमज़ान 2025: 28 अप्रैल के सहरी और इफ्तार का समय
रमज़ान का पवित्र महीना मुसलमानों के लिए आत्मशुद्धि, इबादत और रहमत का समय होता है। यह वह महीना है जब अल्लाह की बरकतें और रहमतें बरसती हैं, और हर मुसलमान रोज़े रखकर अपने इमान को मज़बूत करता है। 28 अप्रैल 2025 को रमज़ान का चौथा रोज़ा होगा, और इस दिन सहरी व इफ्तार के सही समय का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। आइए, इस पवित्र दिन के समय सारणी और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को विस्तार से जानते हैं।
28 अप्रैल 2025 के सहरी और इफ्तार का समय
रमज़ान के दौरान सहरी (सुबह की सेहरी) और इफ्तार (रोज़ा खोलने का समय) का विशेष महत्व होता है। नीचे दिए गए टेबल में 28 अप्रैल 2025 के लिए प्रमुख शहरों में सहरी और इफ्तार का समय दिया गया है:
- दिल्ली: सहरी – 04:15 AM, इफ्तार – 06:45 PM
- मुंबई: सहरी – 04:55 AM, इफ्तार – 07:05 PM
- लखनऊ: सहरी – 04:10 AM, इफ्तार – 06:40 PM
- हैदराबाद: सहरी – 04:40 AM, इफ्तार – 06:50 PM
- बेंगलुरु: सहरी – 04:50 AM, इफ्तार – 06:40 PM
सहरी का महत्व और तैयारी
सहरी रमज़ान के रोज़ों की एक अहम रीत है। यह समय अल्लाह की नेमतों को ग्रहण करने और दिनभर के रोज़े की तैयारी का होता है। हदीस में बताया गया है कि सहरी में बरकत होती है, इसलिए इसे न छोड़ें।
- पोषक आहार: सहरी में फल, दूध, दही, और साबुत अनाज जैसे पौष्टिक आहार लें।
- पानी की मात्रा: दिनभर के लिए हाइड्रेटेड रहने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।
- दुआ का समय: सहरी के अंतिम समय में दुआ करना बेहद फ़ायदेमंद माना जाता है।
इफ्तार की तैयारी और सुन्नतें
इफ्तार का समय खुशी और शुक्राने का होता है। पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.) ने खजूर और पानी से रोज़ा खोलने की सुन्नत बताई है।
- खजूर से इफ्तार: खजूर में प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है।
- दुआ की अहमियत: इफ्तार के समय की गई दुआ क़ुबूल होती है।
- संयमित आहार: तला-भुना खाने से बचें और हल्का व पौष्टिक भोजन करें।
रमज़ान में इबादत का महत्व
रमज़ान सिर्फ़ भूखे-प्यासे रहने का नहीं, बल्कि अपने अंदर की बुराइयों को दूर करने का महीना है। इस दौरान तरावीह, क़ुरआन तिलावत, और ज़कात जैसी इबादतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
- क़ुरआन पढ़ें: रमज़ान में क़ुरआन का अधिक से अधिक पाठ करें।
- दान-पुण्य: ग़रीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करना इस महीने का विशेष सदक़ा है।
- माफ़ी माँगें: अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी माँगने का यह सबसे अच्छा समय है।
निष्कर्ष
28 अप्रैल 2025 का रोज़ा रमज़ान के चौथे दिन पड़ रहा है, और इस दिन सहरी व इफ्तार के समय का ध्यान रखकर हम इस पवित्र महीने की बरकतों को हासिल कर सकते हैं। यह महीना हमें संयम, सहनशीलता और ईमानदारी का पाठ पढ़ाता है। आइए, इस रमज़ान को अपने लिए और अपने परिवार के लिए बरकतों और मगफ़िरत का सबब बनाएँ। रमज़ान मुबारक!
