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77 साल बाद मकर संक्रांति पर दुर्लभ योग स्नान दान मुहूर्त

77 साल बाद मकर संक्रांति पर बना दुर्लभ योग जानें स्नान दान का शुभ मुहूर्त और सूर्य आराधना का महत्व इस बार विशेष संयोग में

Published October 31, 2026
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4 Min Read
77 साल बाद मकर संक्रांति पर दुर्लभ योग स्नान दान मुहूर्त

मकर संक्रांति हिंदू धर्म के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है, जो सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस वर्ष, यह पर्व और भी विशेष हो गया है क्योंकि 77 साल बाद एक दुर्लभ योग बन रहा है। इस अद्भुत संयोग में स्नान, दान और सूर्य आराधना का विशेष महत्व है।

Contents
मकर संक्रांति 2024: दुर्लभ योग और इसका महत्व77 वर्षों बाद बना यह विशेष संयोगक्यों है यह योग इतना खास?मकर संक्रांति पर स्नान का शुभ मुहूर्तसुबह के समय स्नान का महत्वमंत्रों के साथ करें स्नानमकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्वक्या दान करें और क्यों?दान का सही तरीकासूर्य आराधना: मकर संक्रांति का मूल मंत्रसूर्य देव की पूजा कैसे करें?सूर्य के 12 नामों का जापइस दुर्लभ योग में जरूर करें ये काम

मकर संक्रांति 2024: दुर्लभ योग और इसका महत्व

77 वर्षों बाद बना यह विशेष संयोग

इस वर्ष मकर संक्रांति पर अमृत सिद्धि योग बन रहा है, जो 77 वर्षों के बाद आया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस योग में किए गए स्नान, दान और पूजा के कार्यों का 1000 गुना अधिक फल मिलता है।

  • तिथि: 15 जनवरी 2024 (सोमवार)
  • मुहूर्त: सुबह 7:15 बजे से 5:46 बजे तक
  • विशेष योग: अमृत सिद्धि योग, रवि योग

क्यों है यह योग इतना खास?

इस बार मकर संक्रांति पर सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति का शुभ संयोग बन रहा है, जो व्यक्ति के जीवन में धन, स्वास्थ्य और सुख की वर्षा करता है। इस दिन गंगा स्नान, दान और मंत्र जाप का विशेष लाभ मिलेगा।

मकर संक्रांति पर स्नान का शुभ मुहूर्त

सुबह के समय स्नान का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, मकर संक्रांति पर ब्रह्म मुहूर्त (4:30 बजे से 6:00 बजे तक) में स्नान करने से पापों का नाश होता है। इस वर्ष, निम्न समय स्नान के लिए श्रेष्ठ माना गया है:

  • प्रातःकाल स्नान: 5:30 बजे से 7:15 बजे तक
  • अर्घ्य देने का समय: सूर्योदय के तुरंत बाद

मंत्रों के साथ करें स्नान

स्नान करते समय निम्न मंत्र का उच्चारण करें:

“ॐ घृणि सूर्याय नमः”

या फिर गंगा जल छिड़कते हुए यह मंत्र बोलें:

“गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु।।”

मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व

क्या दान करें और क्यों?

इस दिन दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। निम्न वस्तुएं दान में दी जा सकती हैं:

  • तिल: तिल के लड्डू, तिल का तेल या काले तिल दान करने से आयु बढ़ती है।
  • गुड़: गुड़ दान करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
  • कंबल: सर्दियों में गरीबों को कंबल दान करने से ईश्वर की कृपा बनी रहती है।

दान का सही तरीका

दान करते समय इस मंत्र का जाप करें:

“ॐ सूर्याय विद्महे महाद्युतिकराय धीमहि तन्नो आदित्य: प्रचोदयात्।”

सूर्य आराधना: मकर संक्रांति का मूल मंत्र

सूर्य देव की पूजा कैसे करें?

सूर्य देव की आराधना इस प्रकार करें:

  1. सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. लाल फूल, अक्षत और जल से सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  3. निम्न मंत्र का 108 बार जाप करें:

“ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:”

सूर्य के 12 नामों का जाप

मकर संक्रांति पर सूर्य देव के इन 12 नामों का जाप करने से जीवन में समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है:

  • ॐ मित्राय नम:
  • ॐ रवये नम:
  • ॐ सूर्याय नम:
  • ॐ भानवे नम:
  • ॐ खगाय नम:
  • ॐ पूष्णे नम:
  • ॐ हिरण्यगर्भाय नम:
  • ॐ मरीचये नम:
  • ॐ आदित्याय नम:
  • ॐ सवित्रे नम:
  • ॐ अर्काय नम:
  • ॐ भास्कराय नम:

इस दुर्लभ योग में जरूर करें ये काम

77 साल बाद बने इस अमृत सिद्धि योग में मकर संक्रांति का पूरा लाभ लेने के लिए:

  • सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य दें और मंत्र जाप करें।
  • तिल, गुड़, कंबल आदि का दान करें।
  • पितरों का तर्पण कर उन्हें प्रसन्न करें।

इस पावन अवसर पर भगवान सूर्य की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए, यही हमारी कामना है।

“ॐ सूर्यदेवाय विद्महे, महातेजाय धीमहि, तन्न: सूर्य: प्रचोदयात्।”

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