MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: दुर्लभ एकादशी भगवान विष्णु और लक्ष्मी की कृपा
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

दुर्लभ एकादशी भगवान विष्णु और लक्ष्मी की कृपा

Published June 26, 2026
Share
4 Min Read

“`html

Contents
दुर्लभ एकादशी: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त कृपा का अद्भुत दिनदुर्लभ एकादशी क्या है?दुर्लभ एकादशी व्रत विधिदुर्लभ एकादशी की पौराणिक कथाइस एकादशी के विशेष लाभसावधानियाँ एवं विशेष निर्देशनिष्कर्ष: दिव्य आशीर्वाद का दिन

दुर्लभ एकादशी: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त कृपा का अद्भुत दिन

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन कुछ एकादशियाँ ऐसी होती हैं जो अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारिक मानी जाती हैं। ऐसी ही है दुर्लभ एकादशी, जिस दिन भक्तों को एक साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत न केवल मोक्ष प्रदान करता है, बल्कि धन-समृद्धि का आशीर्वाद भी देता है। आइए जानें इस पावन एकादशी की महिमा, विधि और कथा।

दुर्लभ एकादशी क्या है?

दुर्लभ एकादशी, जिसे कामदा एकादशी या पापमोचिनी एकादशी भी कहा जाता है, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में आती है। शास्त्रों में इसे “सर्वपापहरा” (सभी पापों को नष्ट करने वाली) माना गया है। इस दिन व्रत रखने से भक्तों को दोनों लोकों (इहलोक और परलोक) में सुख प्राप्त होता है।

  • दुर्लभता: यह एकादशी अपने नाम के अनुरूप वर्ष में केवल एक बार आती है।
  • संयुक्त कृपा: विष्णु जी की कृपा से मोक्ष और लक्ष्मी जी के आशीर्वाद से धन-संपदा मिलती है।
  • महत्व: पद्म पुराण और भविष्य पुराण में इसका विस्तृत वर्णन मिलता है।

दुर्लभ एकादशी व्रत विधि

इस व्रत को करने की विधि अन्य एकादशियों से थोड़ी भिन्न है। यहाँ सरल चरणों में व्रत विधि बताई गई है:

व्रत तैयारी (दशमी को)

  • दशमी की रात से ही सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।

व्रत दिन (एकादशी को)

  • प्रातः सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
  • साफ वस्त्र पहनकर विष्णु-लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  • इस मंत्र से पूजा आरंभ करें: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
  • फूल, फल, तुलसी दल और खीर का भोग लगाएँ।
  • रात्रि में जागरण करते हुए विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

दुर्लभ एकादशी की पौराणिक कथा

पद्म पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, प्राचीन काल में महर्षि मेधा ने राजा मान्धाता को इस व्रत का महत्व समझाया था:

एक बार राजा मान्धाता ने स्वप्न में देखा कि उनके पूर्वज नरक में पीड़ित हैं। महर्षि से समाधान पूछने पर उन्होंने इस एकादशी का व्रत करने को कहा। राजा ने पूरी श्रद्धा से व्रत किया और उनके पूर्वजों को मोक्ष प्राप्त हुआ। तभी से यह व्रत पापमोचिनी (पापों से मुक्ति दिलाने वाली) कहलाई।

इस एकादशी के विशेष लाभ

  • कष्टों से मुक्ति: पारिवारिक समस्याएँ और आर्थिक संकट दूर होते हैं।
  • आध्यात्मिक लाभ: मन को शांति और आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है।
  • समृद्धि: लक्ष्मी जी की कृपा से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।

सावधानियाँ एवं विशेष निर्देश

  • इस दिन क्रोध, झूठ और हिंसा से पूर्णतया बचें।
  • व्रत तोड़ने की स्थिति में पारण (अगले दिन सूर्योदय के बाद भोजन) अवश्य करें।
  • निर्जल व्रत न कर सकें तो फलाहार ले सकते हैं।

निष्कर्ष: दिव्य आशीर्वाद का दिन

दुर्लभ एकादशी उन भक्तों के लिए वरदान है जो भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त कृपा चाहते हैं। यह व्रत न केवल पापों को नष्ट करता है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त करता है। इस पावन अवसर पर हर हिंदू को पूर्ण श्रद्धा से व्रत करना चाहिए।

जैसा कि श्रीमद्भागवत में कहा गया है: “एकादश्यां नरो यस्तु भक्त्या विष्णुं समर्चयेत्, स याति परमं स्थानं यत्र विष्णुः सनातनः” (जो व्यक्ति एकादशी को भक्तिपूर्वक विष्णु की पूजा करता है, वह उनके परम धाम को प्राप्त करता है)।

“`

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

नए साल का आगमन बुधवार से ऐसे करें शुरुआत

सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों की विदाई

गणेश जी के हाथ में दांत क्यों रखते हैं जानकर हैरान रह जाएंगे

गंगाजल के फायदे और घर की समस्याओं का समाधान

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality June 26, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality June 26, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality June 26, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality June 26, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

June 26, 2026

Ramadan 2025 Sehri Iftar Time 05 April सहरी इफ्तार समय

June 26, 2026

Easter Sunday 2025 ईस्टर संडे का महत्व और मनाने का तरीका

June 26, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?