फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान गणेश की कृपा पाने का सुनहरा अवसर देता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा और उपाय करने से सभी संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आइए जानते हैं फाल्गुन संकष्टी 2025 के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और विशेष उपाय जो गणपति बप्पा को प्रसन्न करने में सहायक होंगे।
संकष्टी चतुर्थी का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित है। फाल्गुन मास की संकष्टी का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि यह वर्ष के अंतिम चतुर्थी उत्सवों में से एक होती है।
- संकटों को दूर करने वाली तिथि
- विघ्नहर्ता गणेश की विशेष कृपा प्राप्ति का दिन
- धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ की प्राप्ति
फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
साल 2025 में फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी 26 फरवरी, बुधवार को मनाई जाएगी।
- चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 25 फरवरी 2025 को रात 10:58 बजे से
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 26 फरवरी 2025 को रात 08:18 बजे तक
- चंद्रोदय काल: शाम 07:32 बजे के बाद (दिल्ली समय अनुसार)
फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि
संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा की तैयारी करें।
आवश्यक सामग्री
- गणेश जी की मूर्ति या चित्र
- लाल या पीले रंग का वस्त्र
- मोदक, लड्डू, दूर्वा घास
- रोली, चंदन, फूल, अक्षत
- दीपक, घी, कपूर
पूजा विधि
- सबसे पहले पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
- लाल कपड़े पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें।
- गणपति को स्नान कराएं, फिर नए वस्त्र पहनाएं।
- रोली से तिलक लगाएं और दूर्वा घास अर्पित करें।
- मोदक, लड्डू आदि का भोग लगाएं।
- धूप-दीप दिखाकर आरती करें।
संकष्टी चतुर्थी का व्रत और उसका महत्व
संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं। इस दिन व्रत रखकर शाम को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही भोजन करना चाहिए।
- व्रत के दिन एक समय फलाहार करें
- पूरे दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें
- नकारात्मक विचारों से दूर रहें
फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी के विशेष उपाय
फाल्गुन मास की संकष्टी पर कुछ विशेष उपाय करने से गणपति बप्पा की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में:
1. दूर्वा घास से उपाय
21 दूर्वा घास की गांठे लेकर गणेश जी को अर्पित करें और यह मंत्र बोलें:
मंत्र: “ॐ गं गणपतये नमः, दूर्वांकुरान् समर्पयामि”
इसके बाद प्रसाद के रूप में थोड़ी सी दूर्वा घास अपने पास रख लें। ऐसा करने से धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।
2. मोदक का उपाय
11 मोदक बनाकर गणेश जी को भोग लगाएं। फिर इनमें से 5 मोदक किसी गरीब व्यक्ति को दान कर दें। इस उपाय से व्यवसाय में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
3. सिंदूर का उपाय
फाल्गुन संकष्टी के दिन गणेश जी को सिंदूर चढ़ाएं और थोड़ा सा सिंदूर अपने माथे पर लगाएं। यह उपाय विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने में सहायक है।
4. गुड़ और चने का उपाय
गुड़ और भुने हुए चने का प्रसाद बनाकर गणेश जी को अर्पित करें। फिर इस प्रसाद को पीपल के पेड़ के नीचे रख दें। यह उपाय संतान प्राप्ति में सहायक माना जाता है।
5. संकटनाशक स्तोत्र पाठ
फाल्गुन संकष्टी के दिन संकटनाशक गणेश स्तोत्र का पाठ अवश्य करें। यह स्तोत्र पढ़ने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं।
मंत्र:
“प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम्।
भक्तावासं स्मरेन्नित्यं आयुःकामार्थसिद्धये॥”
फाल्गुन संकष्टी की कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक बार माता पार्वती ने गणेश जी से कहा कि वे प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को भक्तों के संकट दूर करें। तभी से संकष्टी चतुर्थी का महत्व बढ़ गया।
एक अन्य कथा के अनुसार, राजा इंद्र को जब श्राप के कारण संकटों का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखकर गणेश जी की आराधना की। गणपति बप्पा ने प्रसन्न होकर उनके सभी संकट दूर कर दिए।
फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा-अर्चना और व्रत रखने से भक्तों के सभी संकट दूर होते हैं। उपरोक्त उपायों को करने से गणपति बप्पा प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं। आइए, हम सभी फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी 2025 को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाएं और गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त करें।
ॐ गण गणपतये नमः॥

