सावन का पावन महीना और शिव जी की कृपा
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। यह वह समय होता है जब प्रकृति खुद शिव की आराधना में लीन हो जाती है। बादल गरजते हैं, बारिश की बूंदें धरती को स्पर्श करती हैं, और हर तरफ हरियाली छा जाती है। ऐसे में अगर हम भी शिव जी के पंचाक्षर मंत्र “ॐ नमः शिवाय” का जप करें, तो हमारे सभी कष्ट दूर हो सकते हैं।
इस लेख में हम जानेंगे:
- पंचाक्षर मंत्र का महत्व
- इस मंत्र के जप का सही तरीका
- सावन 2025 में विशेष फल पाने के उपाय
- शिव जी की कृपा पाने के अन्य मंत्र
पंचाक्षर मंत्र “ॐ नमः शिवाय” का अद्भुत महत्व
मंत्र का अर्थ और शक्ति
“ॐ नमः शिवाय” यह पांच अक्षरों वाला मंत्र है, जिसे पंचाक्षर मंत्र कहा जाता है। इसका अर्थ है – “मैं शिव को नमन करता हूँ।” यह मंत्र न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि इसमें अद्भुत शक्ति भी समाई हुई है।
- ॐ – ब्रह्मांड की ध्वनि, परमात्मा का प्रतीक
- नमः – नमन, समर्पण
- शिवाय – शिव को अर्पित
शिव पुराण में वर्णित महिमा
शिव पुराण में कहा गया है कि जो व्यक्ति नियमित रूप से इस मंत्र का जप करता है, उसके सभी पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
“पंचाक्षरमिदं पुण्यं सर्वपापप्रणाशनम्।
ध्यात्वा शिवं समभ्यर्च्य जपेदष्टोत्तरं शतम्॥”
अर्थात, यह पंचाक्षर मंत्र पापों का नाश करने वाला है। शिव जी का ध्यान करके इस मंत्र का 108 बार जप करने से अद्भुत फल मिलता है।
सावन 2025 में पंचाक्षर मंत्र जपने का सही तरीका
मंत्र जप की विधि
सावन के महीने में इस मंत्र का जप करने से विशेष लाभ मिलता है। निम्न विधि से जप करें:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। साफ वस्त्र धारण करें।
- शिवलिंग या शिव जी की मूर्ति के सामने बैठें। अगर संभव हो तो बेलपत्र, धतूरा और दूध चढ़ाएं।
- रुद्राक्ष की माला लेकर मंत्र जप शुरू करें। “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जप करें।
- अंत में शिव जी से प्रार्थना करें कि वे आपके सभी कष्ट दूर करें।
विशेष सावन सोमवार व्रत का महत्व
सावन के सोमवार का व्रत रखने से शिव जी प्रसन्न होते हैं। इस दिन:
- सुबह जल्दी उठकर गंगाजल से स्नान करें।
- व्रत रखें और केवल फलाहार ग्रहण करें।
- शाम को शिव मंदिर जाकर दर्शन करें।
पंचाक्षर मंत्र के अन्य लाभ
मानसिक शांति और आत्मबल
इस मंत्र के नियमित जप से मन शांत होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। जीवन की समस्याओं का सामना करने की शक्ति मिलती है।
रोगों से मुक्ति
मान्यता है कि इस मंत्र के जप से शारीरिक और मानसिक रोग दूर होते हैं। शिव जी को वैद्यनाथ भी कहा जाता है, जो स्वयं रोगों के नाशक हैं।
धन और सुख-समृद्धि
जो व्यक्ति नियमित रूप से इस मंत्र का जप करता है, उसके घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती। शिव जी की कृपा से सुख-समृद्धि बढ़ती है।
सावन 2025 में अन्य शिव मंत्रों का जप
पंचाक्षर मंत्र के अलावा, निम्न मंत्रों का जप भी सावन में विशेष फलदायी होता है:
महामृत्युंजय मंत्र
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥”
लाभ: आयु बढ़ाने वाला, रोगों से मुक्ति दिलाने वाला।
शिव गायत्री मंत्र
“ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥”
लाभ: बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि।
शिव जी की कृपा पाने का सर्वोत्तम समय
सावन 2025 का यह पावन महीना भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे अच्छा समय है। अगर आप पंचाक्षर मंत्र का नियमित जप करेंगे, तो निश्चित ही आपके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। शिव जी भोले हैं, वे थोड़ी सी भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते हैं।
आप भी इस सावन में शिव जी की आराधना करें और उनकी असीम कृपा पाएं। हर हर महादेव!

