शरद पूर्णिमा का पावन पर्व
शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में एक विशेष महत्व रखती है। यह दिन चंद्रमा की पूर्ण आभा और देवी लक्ष्मी के आशीर्वाद को प्राप्त करने का सुनहरा अवसर माना जाता है। 2025 में यह पर्व अक्टूबर माह में मनाया जाएगा। इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और व्रत रखकर भक्त माता लक्ष्मी की कृपा पाते हैं।
शरद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
1. देवी लक्ष्मी का आगमन
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात्रि में माता लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और जो घर उन्हें प्रसन्न करते हैं, वहां सुख-समृद्धि का वास होता है।
2. चंद्रमा की अमृत वर्षा
इस रात चंद्रमा की किरणें अमृत समान मानी जाती हैं। कहा जाता है कि इस दिन खीर को चांदनी में रखने से वह पवित्र हो जाती है और सेवन करने वाले को स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
3. रासलीला का दिवस
मान्यता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने वृंदावन में महारास किया था, जिसमें गोपियों के साथ उनका दिव्य नृत्य हुआ था।
देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय
1. शाम की पूजा विधि
- स्नानादि से शुद्ध होकर पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें।
- लाल कपड़े पर माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- घी का दीपक जलाकर “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
- फूल, अक्षत, और मिठाई का भोग लगाएं।
2. खीर का महत्व
इस दिन चावल की खीर बनाकर चांदनी में रखना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन की वर्षा करती हैं।
3. दान-पुण्य के कार्य
- गरीबों को अनाज, वस्त्र, या दक्षिणा दान करें।
- किसी ब्राह्मण को भोजन कराएं।
- मंदिर में दीपदान करें।
शरद पूर्णिमा व्रत कथा
एक कथा के अनुसार, एक गरीब ब्राह्मण ने शरद पूर्णिमा का व्रत रखकर माता लक्ष्मी की आराधना की। प्रसन्न होकर देवी ने उसके घर में धन-धान्य की वर्षा की और उसका जीवन सुखमय बना दिया। इसलिए इस व्रत को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
मंत्र और आरती
1. लक्ष्मी मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः
2. लक्ष्मी आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता...
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता...
आध्यात्मिक और भौतिक लाभ
शरद पूर्णिमा का पर्व न केवल धन-संपत्ति देने वाला है, बल्कि यह आत्मा को शुद्ध करने वाला भी है। इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा और व्रत से माता लक्ष्मी अवश्य प्रसन्न होती हैं और भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
इस पावन अवसर पर इन उपायों को अपनाकर आप भी देवी की कृपा पा सकते हैं। शुभ शरद पूर्णिमा!

