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तुलसी विवाह 2025: एक पावन परंपरा का महत्व
हिंदू धर्म में तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। यह शुभ अवसर प्रतिवर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। 2025 में यह पर्व नवंबर माह में आने की संभावना है। तुलसी जी का विवाह भगवान शालिग्राम (श्री विष्णु के स्वरूप) से कराया जाता है, जो धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जाता है।
तुलसी विवाह 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
तुलसी विवाह 2025 की तिथि निम्नलिखित है:
- तिथि: 8 नवंबर 2025, शनिवार
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 7 नवंबर 2025 को रात 08:15 बजे से
- एकादशी तिथि समाप्त: 8 नवंबर 2025 को रात 10:36 बजे तक
शुभ मुहूर्त:
- प्रातः 06:30 बजे से 08:45 बजे तक (अभिजीत मुहूर्त)
- सायं 04:30 बजे से 06:15 बजे तक (गोधूलि वेला)
तुलसी विवाह का धार्मिक महत्व
शास्त्रों में तुलसी को “विष्णुप्रिया” कहा गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी जी का विवाह भगवान विष्णु से कराने से घर में सुख-समृद्धि आती है तथा पितृदोष से मुक्ति मिलती है।
पौराणिक कथा
पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार तुलसी (वृंदा) राक्षस राज जालंधर की पत्नी थीं। उनकी पतिव्रता शक्ति के कारण जालंधर अजेय हो गया था। भगवान विष्णु ने तुलसी की परीक्षा लेने हेतु जालंधर का रूप धारण किया। जब तुलसी को सच्चाई का पता चला तो उन्होंने विष्णु जी को शालिग्राम रूप में पत्थर बन जाने का श्राप दे दिया। बाद में देवताओं के अनुरोध पर तुलसी जी ने अपना श्राप वापस ले लिया और भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि कार्तिक एकादशी के दिन तुलसी का उनसे विवाह होगा।
तुलसी विवाह की पूजा विधि
तुलसी विवाह की पूजा विधि निम्न प्रकार है:
पूजन सामग्री
- तुलसी का पौधा
- शालिग्राम शिला
- नए वस्त्र (लाल चुनरी व पीले वस्त्र)
- हल्दी, कुमकुम, चावल
- फूल, फल, मिठाई
- दीपक, धूप, अगरबत्ती
विवाह संस्कार की विधि
- प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- तुलसी के पौधे के पास मंडप सजाएं
- शालिग्राम को पीले वस्त्र में सजाकर तुलसी के समक्ष रखें
- तुलसी को लाल चुनरी ओढ़ाएं
- विवाह के मंत्रों के साथ फेरे कराएं:
“ॐ विष्णुं तुलसी संयुक्तं सर्वाभीष्ट फलप्रदम्।
पूजयामि सदा भक्त्या तुलसी विष्णु वल्लभाम्॥” - हवन करें एवं आरती उतारें
- ब्राह्मण को भोजन कराकर दक्षिणा दें
तुलसी विवाह के लाभ
- पारिवारिक सुख: घर में प्रेम और एकता बढ़ती है
- धन लाभ: आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है
- स्वास्थ्य वर्धक: तुलसी का पौधा वातावरण शुद्ध करता है
- पितृ दोष निवारण: पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है
- मोक्ष प्राप्ति: इस पूजा से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है
निष्कर्ष
तुलसी विवाह हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। 2025 में यह पर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर तुलसी जी का विधि-विधान से विवाह कराने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं तथा घर में सुख-शांति का वास होता है। प्रत्येक भक्त को इस पुण्य पर्व पर तुलसी पूजन अवश्य करना चाहिए।
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