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Tulsi Vivah 2025 शादी की अड़चन दूर करने के उपाय

2025 में तुलसी विवाह करके शादी की अड़चनें दूर करें। जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और असरदार उपाय जो आपकी मंगलकामना पूरी करेंगे।

Published July 2, 2026
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5 Min Read

तुलसी विवाह 2025: शादी में आ रही है अड़चन को दूर करने के लिए, तुलसी विवाह पर करें ये उपाय

हिंदू धर्म में तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। यह परंपरा न केवल आध्यात्मिक बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत फलदायी मानी जाती है। विशेषकर उन युवाओं के लिए जिनके विवाह में किसी प्रकार की अड़चन आ रही हो, तुलसी विवाह का विधान एक कारगर उपाय साबित होता है। 2025 में तुलसी विवाह के इस पावन अवसर पर जानिए कैसे यह परंपरा आपके जीवन की बाधाओं को दूर कर सकती है।

Contents
तुलसी विवाह 2025: शादी में आ रही है अड़चन को दूर करने के लिए, तुलसी विवाह पर करें ये उपायतुलसी विवाह क्या है और क्यों मनाया जाता है?तुलसी विवाह 2025 की तिथि और मुहूर्तशुभ मुहूर्त:विवाह में आ रही अड़चन दूर करने के लिए तुलसी विवाह के उपाय1. तुलसी विवाह की पूर्ण विधि2. विशेष मंत्र जाप3. विशेष व्रत और दानतुलसी विवाह से जुड़ी महत्वपूर्ण बातेंकिन लोगों को अवश्य करना चाहिए तुलसी विवाह?तुलसी विवाह के बाद ध्यान रखने योग्य बातेंनिष्कर्ष

तुलसी विवाह क्या है और क्यों मनाया जाता है?

तुलसी विवाह हिंदू धर्म में प्रचलित एक पवित्र परंपरा है जिसमें तुलसी के पौधे का विवाह भगवान शालिग्राम (विष्णु जी के स्वरूप) से कराया जाता है। यह परंपरा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी से प्रारंभ होकर पूर्णिमा तक चलती है।

  • पौराणिक महत्व: पुराणों के अनुसार तुलसी जी वृंदा के रूप में जन्मी थीं जिनका विवाह दैत्य राज जालंधर से हुआ था।
  • आध्यात्मिक लाभ: तुलसी विवाह करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
  • ज्योतिषीय महत्व: जिन जातकों की कुंडली में मंगल दोष हो या शुक्र ग्रह कमजोर हो, उनके लिए यह विशेष फलदायी माना जाता है।

तुलसी विवाह 2025 की तिथि और मुहूर्त

2025 में तुलसी विवाह का पावन पर्व 7 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन देवउठनी एकादशी का पर्व भी मनाया जाता है जिसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं।

शुभ मुहूर्त:

  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 6 नवंबर 2025 को सुबह 09:14 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर 2025 को सुबह 11:36 बजे
  • विवाह का शुभ समय: प्रात: 06:30 से 10:30 तक

विवाह में आ रही अड़चन दूर करने के लिए तुलसी विवाह के उपाय

यदि आपके विवाह में किसी प्रकार की बाधा आ रही है या आयु बढ़ने के बावजूद विवाह योग नहीं बन रहा है, तो तुलसी विवाह के ये विशेष उपाय आपके लिए फलदायी साबित हो सकते हैं:

1. तुलसी विवाह की पूर्ण विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • घर के मंदिर या पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
  • तुलसी के पौधे और शालिग्राम को नए वस्त्र पहनाएं।
  • हल्दी, चंदन, अक्षत, फूल आदि से श्रृंगार करें।
  • विवाह के मंत्रों का उच्चारण करते हुए तुलसी जी का शालिग्राम जी से विवाह कराएं।

2. विशेष मंत्र जाप

तुलसी विवाह के समय इन मंत्रों का जाप अवश्य करें:

  • मूल मंत्र: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः, तुलसी जी की आरती उतारूं…”
  • विवाह मंत्र: “यथा तुलसी पत्नी हरेश्च भवति सा तथा त्वं मम कुले जन्म जन्मान्तरेऽपि भव पत्नी”

3. विशेष व्रत और दान

  • तुलसी विवाह के दिन पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • सूर्योदय से पहले उठकर तुलसी जी की परिक्रमा करें।
  • कन्या दान का महत्व: इस दिन किसी गरीब कन्या को सुहाग की सामग्री दान करें।

तुलसी विवाह से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

किन लोगों को अवश्य करना चाहिए तुलसी विवाह?

  • जिनके विवाह में लगातार बाधाएं आ रही हों
  • जिनकी कुंडली में मंगल दोष हो
  • जिनका विवाह योग देरी से बन रहा हो
  • वैवाहिक जीवन में कलह होने पर

तुलसी विवाह के बाद ध्यान रखने योग्य बातें

  • तुलसी के पौधे की नियमित देखभाल करें
  • प्रतिदिन तुलसी जी को जल चढ़ाएं
  • तुलसी के पत्तों का सेवन नियमित रूप से करें
  • तुलसी के नीचे दीपक जलाना न भूलें

निष्कर्ष

तुलसी विवाह हिंदू धर्म की एक पावन परंपरा है जो न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है बल्कि जीवन की विभिन्न बाधाओं को दूर करने में भी सहायक है। विशेषकर विवाह संबंधी समस्याओं के निवारण में तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। 2025 में इस पावन पर्व पर पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से तुलसी विवाह करके आप अपने जीवन की अड़चनों को दूर कर सकते हैं। याद रखें, श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया कोई भी पूजन-पाठ अवश्य ही फलदायी होता है।

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