वैशाख अमावस्या हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र तिथि मानी जाती है। यह दिन मोक्ष प्राप्ति, पितृ तर्पण और दान-पुण्य के लिए विशेष फलदायी होता है। इस दिन किए गए शुभ कार्यों से पितृदोष शांत होते हैं और ईश्वर की कृपा बनी रहती है। आइए, जानते हैं कि वैशाख अमावस्या के दिन कौन-से कार्य अवश्य करने चाहिए और इसका क्या आध्यात्मिक महत्व है।
वैशाख अमावस्या का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, वैशाख मास को सभी महीनों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इस माह की अमावस्या तिथि पर स्नान, दान, जप और तर्पण करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। ब्रह्म पुराण में कहा गया है:
“वैशाखे मासि यः स्नाति सर्वपापैः प्रमुच्यते।”
अर्थात, वैशाख मास में स्नान करने वाला व्यक्ति सभी पापों से मुक्त हो जाता है। इस दिन निम्नलिखित कार्यों का विशेष महत्व है:
- पितृ तर्पण: पितरों को प्रसन्न करने के लिए जल अर्पित करें।
- दान-पुण्य: गरीबों को अन्न, वस्त्र या जल दान करें।
- वृक्षारोपण: पीपल, तुलसी या अन्य पवित्र वृक्ष लगाएं।
- मंत्र जाप: ऊँ नमः शिवाय या गायत्री मंत्र का जाप करें।
वैशाख अमावस्या पर करने योग्य कार्य
1. पवित्र नदी में स्नान
इस दिन गंगा, यमुना या किसी पवित्र नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है। यदि नदी तक न जा सकें, तो घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें। मंत्रोच्चारण के साथ स्नान करने का विधान है:
“गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥”
2. पितृ तर्पण एवं श्राद्ध
अमावस्या पितरों की तिथि मानी जाती है। काले तिल, जल और कुशा से पितरों को तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। श्राद्ध कर्म करते समय यह मंत्र बोलें:
“ऊँ पितृभ्यः स्वधा नमः, ऊँ पितामहाय स्वधा नमः, ऊँ प्रपितामहाय स्वधा नमः।”
3. दान-पुण्य का विशेष महत्व
वैशाख अमावस्या पर निम्न वस्तुएं दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है:
- जल दान: धूप में प्यासे को पानी पिलाएं।
- वस्त्र दान: गरीबों को नए वस्त्र दें।
- अन्न दान: अनाज दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
4. पीपल की पूजा एवं परिक्रमा
इस दिन पीपल के वृक्ष की 108 परिक्रमा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पीपल को जल चढ़ाते हुए यह मंत्र बोलें:
“ऊँ वासुदेवाय नमः, ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय।”
5. भगवान विष्णु की आराधना
वैशाख मास भगवान विष्णु का प्रिय मास है। इस दिन “ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें और तुलसी दल से विष्णु जी की पूजा करें।
वैशाख अमावस्या की कथा
पुराणों में वर्णित एक कथा के अनुसार, एक बार राजा मान्धाता ने वैशाख अमावस्या पर गंगा स्नान, दान और तपस्या की। इससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें अमरत्व का वरदान दिया। इसी तरह, जो भक्त श्रद्धा से इस दिन व्रत-पूजा करते हैं, उन्हें जीवन में सुख और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
वैशाख अमावस्या का दिन आध्यात्मिक उन्नति के लिए सुनहरा अवसर है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान, पितृ तर्पण, दान और भगवान विष्णु की आराधना करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। याद रखें: छोटे-से पुण्य कर्म भी इस दिन अक्षय फल देते हैं, इसलिए श्रद्धा और भक्ति से इस पावन तिथि का लाभ उठाएं।
आप सभी को वैशाख अमावस्या की हार्दिक शुभकामनाएं! 🙏

