MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Vinayaka Chaturthi 2025 शुभ योग में विनायक चतुर्थी आरती से बरसेगी कृपा
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Vinayaka Chaturthi 2025 शुभ योग में विनायक चतुर्थी आरती से बरसेगी कृपा

Published June 26, 2026
Share
5 Min Read

“`html

Contents
विनायक चतुर्थी 2025: शुभ योग में है गणेश उत्सवविनायक चतुर्थी 2025 का शुभ मुहूर्तक्यों है 2025 की चतुर्थी विशेष?गणेश जी की पूजा विधिसुबह की तैयारीप्रतिमा स्थापनाषोडशोपचार पूजनमहा आरती: गणपति बप्पा मोरयाविनायक चतुर्थी का आध्यात्मिक महत्वविशेष उपायगणेश चतुर्थी व्रत कथानिष्कर्ष: गणेश कृपा का पर्व

विनायक चतुर्थी 2025: शुभ योग में है गणेश उत्सव

भक्तों के लिए विनायक चतुर्थी का पर्व साल का सबसे पावन अवसर होता है। 2025 में यह पर्व 30 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। इस बार चतुर्थी तिथि शुभ योग में पड़ रही है, जिससे भगवान गणेश की कृपा दोगुनी हो जाएगी। इस लेख में जानिए पूजा विधि, आरती, महत्व और वो विशेष उपाय जिनसे आप गजानंद की असीम अनुकंपा पा सकते हैं।

विनायक चतुर्थी 2025 का शुभ मुहूर्त

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 29 अगस्त 2025, शाम 06:42 बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 30 अगस्त 2025, रात 08:59 बजे
  • पूजा का श्रेष्ठ समय: 30 अगस्त, प्रात: 06:00 से 10:30 बजे
  • मध्याह्न काल: 11:45 AM से 02:15 PM (विशेष फलदायी)

क्यों है 2025 की चतुर्थी विशेष?

इस वर्ष चतुर्थी पर रवि योग और अमृत सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन किया गया हर शुभ कार्य सफल होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

गणेश जी की पूजा विधि

सुबह की तैयारी

  • प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें
  • साफ वस्त्र धारण कर पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें
  • लाल या पीले रंग का आसन बिछाएं

प्रतिमा स्थापना

गणेश जी की मूर्ति या चित्र को स्थापित करते समय इस मंत्र का उच्चारण करें:

“ॐ गं गणपतये नमः” (11 बार)

षोडशोपचार पूजन

  • आवाहन: “ॐ आवाहयामि स्थापयामि”
  • आसन: फूल अर्पित कर स्वर्ण/रजत आसन दें
  • पाद्य: चरणों में जल अर्पित करें
  • अर्घ्य: हाथ जोड़कर जल चढ़ाएं
  • आचमनीय: तांबे के पात्र में जल दें
  • मधुपर्क: दही, घी, शहद मिश्रित प्रसाद
  • स्नान: पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक
  • वस्त्र: पीला वस्त्र या मोला (लाल धागा) चढ़ाएं
  • यज्ञोपवीत: सूत्र अर्पित करें
  • गंध: चंदन का तिलक लगाएं
  • पुष्प: दूर्वा घास और लाल फूल चढ़ाएं
  • धूप: गुग्गुल या कपूर की धूप दें
  • दीप: घी का दीपक जलाएं
  • नैवेद्य: मोदक, लड्डू, फल अर्पित करें
  • ताम्बूल: पान के पत्ते पर सुपारी रखें
  • आरती: नीचे दी गई आरती करें
  • प्रदक्षिणा: 3 या 5 परिक्रमा करें

महा आरती: गणपति बप्पा मोरया

पूजन के अंत में इस आरती से गणेश जी को प्रसन्न करें:

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत चार भुजा धारी
माथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी॥

पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा
लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥

अंधन को आंख देत कोढ़िन को काया
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥

हार-चौदह विद्या का देते जो ध्यान
निसदिन हरत मन का अंधेरा अज्ञान॥

दीनन की लाज रखो शंभु सुतवारी
कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी॥

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

विनायक चतुर्थी का आध्यात्मिक महत्व

हिंदू धर्म में गणेश जी को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। चतुर्थी तिथि पर उनकी उपासना करने से:

  • जीवन के सभी संकट दूर होते हैं
  • नए कार्यों में सफलता मिलती है
  • विद्या और बुद्धि का विकास होता है
  • धन-समृद्धि में वृद्धि होती है
  • कुंडली के सभी दोष शांत होते हैं

विशेष उपाय

2025 की चतुर्थी पर ये उपाय अवश्य करें:

  • 21 दूर्वा घास के तिनके गणेश जी को अर्पित करें
  • मोदक का भोग लगाकर गरीबों में वितरित करें
  • लाल फूलों से पूजन करें (विशेषकर हिबिस्कस)
  • “ॐ गं गणपतये नमः” का 108 बार जप करें
  • पूजा के बाद “गजानन स्तोत्र” का पाठ करें

गणेश चतुर्थी व्रत कथा

पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने गणेश जी की रचना की थी। एक बार जब वे स्नान कर रही थीं, तो उन्होंने गणेश जी को द्वारपाल बनाकर खड़ा कर दिया। भगवान शिव आए तो गणेश जी ने उन्हें रोक दिया। क्रोधित होकर शिव जी ने उनका सिर काट दिया। पार्वती जी के विलाप पर शिव जी ने हाथी के बच्चे का सिर लगाकर गणेश जी को पुनर्जीवित किया और प्रथम पूज्य का वरदान दिया।

निष्कर्ष: गणेश कृपा का पर्व

विनायक चतुर्थी 2025 का यह शुभ अवसर हर भक्त के लिए जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। शुभ योग में मनाए जाने वाले इस पर्व पर सच्चे मन से की गई पूजा-आराधना से गणपति बप्पा सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस लेख में बताई गई पूजा विधि, आरती और उपायों को अपनाकर आप भी गणेश जी की असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ!

“`

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

नए साल का आगमन बुधवार से ऐसे करें शुरुआत

सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों की विदाई

गणेश जी के हाथ में दांत क्यों रखते हैं जानकर हैरान रह जाएंगे

गंगाजल के फायदे और घर की समस्याओं का समाधान

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality June 26, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality June 26, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality June 26, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality June 26, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

June 26, 2026

Ramadan 2025 Sehri Iftar Time 05 April सहरी इफ्तार समय

June 26, 2026

Easter Sunday 2025 ईस्टर संडे का महत्व और मनाने का तरीका

June 26, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?