इसलिए इस साल दशहरा दस नहीं नौ दिनों का होगा
दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और पूरे भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है। लेकिन इस साल कुछ खास है! आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस वर्ष दशहरा दस नहीं बल्कि नौ दिनों का होगा। आइए, जानते हैं कि ऐसा क्यों है और इसका धार्मिक एवं ज्योतिषीय महत्व क्या है।
दशहरे का पारंपरिक महत्व
दशहरा नवरात्रि के बाद दसवें दिन मनाया जाता है, जिसमें माँ दुर्गा की आराधना की जाती है और भगवान राम द्वारा रावण के वध का उत्सव मनाया जाता है। यह त्योहार धर्म, संस्कृति और आस्था का अनूठा संगम है।
- नवरात्रि के नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा
- दसवें दिन रावण दहन और विजयादशमी का उत्सव
- शस्त्र पूजा और नए कार्यों का शुभारंभ
इस साल दशहरा नौ दिनों का क्यों है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस वर्ष नवरात्रि और दशहरे की तिथियों में विशेष संयोग बन रहा है। इसका कारण चंद्र मास और सौर मास के बीच का अंतर है। आमतौर पर नवरात्रि के बाद दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है, लेकिन इस बार तिथि गणना के अनुसार नवमी और दशमी तिथि एक ही दिन पड़ रही है।
- नवमी तिथि: 23 अक्टूबर, सुबह 7:47 से 24 अक्टूबर, सुबह 4:14 तक
- दशमी तिथि: 24 अक्टूबर, सुबह 4:14 से 25 अक्टूबर, सुबह 1:53 तक
इस प्रकार, 24 अक्टूबर को नवमी और दशमी दोनों तिथियाँ हैं, जिससे दशहरा का उत्सव नौ दिनों में ही पूरा हो जाएगा।
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण
हिंदू पंचांग के अनुसार, तिथियों का यह संयोग अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा-अर्चना और धार्मिक कर्मकांड करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
- इस दिन माँ दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है
- रावण दहन का समय भी अत्यंत शुभ माना जा रहा है
- नए कार्यों के लिए यह समय उत्तम है
इस वर्ष दशहरा मनाने का शुभ समय
इस वर्ष दशहरा का पर्व 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन विजय मुहूर्त और रावण दहन का समय इस प्रकार है:
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:58 से 2:43 तक
- रावण दहन का शुभ समय: शाम 6:03 से 7:33 तक
निष्कर्ष
इस वर्ष दशहरा का पर्व नौ दिनों का होने के पीछे ज्योतिषीय गणना और तिथियों का विशेष संयोग है। यह संयोग हमें धर्म और विज्ञान के बीच के गहरे संबंध को समझने का अवसर देता है। आइए, इस दिवस पर माँ दुर्गा और भगवान राम की कृपा प्राप्त करें और बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाएं।
शुभ दशहरा!
