भारतीय संस्कृति में छिपकली को लेकर अनेक मान्यताएँ प्रचलित हैं। कहा जाता है कि यदि छिपकली किसी व्यक्ति के शरीर पर गिर जाए, तो उसे तुरंत स्नान करना चाहिए। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों माना जाता है? क्या यह सिर्फ एक अंधविश्वास है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण छिपा हुआ है?
इस लेख में हम छिपकली के शरीर पर गिरने से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं, वैज्ञानिक तथ्यों और इसके समाधान के बारे में विस्तार से जानेंगे।
छिपकली से जुड़ी धार्मिक मान्यताएँ
1. पुराणों और शास्त्रों में उल्लेख
हिंदू धर्म के ग्रंथों में छिपकली को अशुभ माना गया है। गरुड़ पुराण और मनुस्मृति जैसे ग्रंथों में बताया गया है कि छिपकली का स्पर्श अशुद्धता लाता है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि छिपकली अक्सर गंदे स्थानों पर रहती है और उसके शरीर पर कई प्रकार के हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं।
2. ज्योतिष और छिपकली का संबंध
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि छिपकली किसी व्यक्ति के शरीर के विशेष अंगों पर गिरती है, तो इसका अलग-अलग फल माना जाता है। जैसे:
- सिर पर गिरने वाली छिपकली: अशुभ संकेत माना जाता है।
- हाथ पर गिरने वाली छिपकली: धन लाभ की संभावना।
- पैर पर गिरने वाली छिपकली: यात्रा का योग बनता है।
लेकिन इन सभी स्थितियों में स्नान करने की सलाह दी जाती है ताकि शुद्धि बनी रहे।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण: क्यों जरूरी है स्नान?
1. बैक्टीरिया और संक्रमण का खतरा
विज्ञान के अनुसार, छिपकली के शरीर पर कई प्रकार के हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं। यदि वह किसी व्यक्ति के शरीर पर गिरती है, तो उसके संपर्क में आने वाली त्वचा पर ये बैक्टीरिया चिपक सकते हैं, जिससे त्वचा संक्रमण या एलर्जी हो सकती है। इसलिए, तुरंत स्नान करने से शरीर की सफाई हो जाती है और संक्रमण का खतरा कम होता है।
2. मानसिक शांति के लिए
छिपकली का अचानक शरीर पर गिरना किसी को भी डरा सकता है। इससे तनाव और बेचैनी हो सकती है। स्नान करने से न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक शुद्धि भी होती है, जिससे व्यक्ति को शांति मिलती है।
धार्मिक समाधान: क्या करें अगर छिपकली गिर जाए?
1. तुरंत स्नान करें
शास्त्रों के अनुसार, यदि छिपकली शरीर पर गिर जाए, तो तुरंत स्नान करके अपने आप को शुद्ध कर लेना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
2. गंगाजल या तुलसी जल का छिड़काव
स्नान के बाद गंगाजल या तुलसी के पत्तों का जल शरीर पर छिड़कने से पवित्रता बढ़ती है।
3. इस मंत्र का जाप करें
ॐ नमो भगवते वासुकय नमः
इस मंत्र का 3 बार जाप करने से अशुभ प्रभाव कम होता है।
संयम और शुद्धि का महत्व
छिपकली का शरीर पर गिरना एक सामान्य घटना है, लेकिन धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टिकोण से स्नान करना आवश्यक है। यह न सिर्फ शारीरिक स्वच्छता सुनिश्चित करता है, बल्कि मन को भी शांति प्रदान करता है। इसलिए, यदि कभी ऐसा हो, तो घबराएँ नहीं, बल्कि शुद्धि के उपाय करें और आगे बढ़ें।

