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इस जगह भगवान हनुमान की पूजा करने से कतराते हैं लोग, जानें इसके पीछे की बड़ी वजह
हनुमान जी को भक्तों का कल्याण करने वाला, संकट मोचन और बजरंगबली कहा जाता है। उनकी पूजा-आराधना से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा स्थान भी है जहाँ लोग हनुमान जी की पूजा करने से डरते हैं? आइए जानते हैं इस रहस्यमयी स्थान और इसके पीछे की वजह के बारे में।
कौन सी है वह जगह जहाँ हनुमान जी की पूजा नहीं होती?
यह स्थान है केरल का सबरीमाला मंदिर। यहाँ भगवान अयप्पा की पूजा की जाती है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस मंदिर परिसर में हनुमान जी की कोई मूर्ति नहीं है और न ही उनकी पूजा की जाती है। इसके पीछे एक पौराणिक कथा और मान्यता छुपी हुई है।
सबरीमाला मंदिर का महत्व
सबरीमाला मंदिर केरल के पथनामथिट्टा जिले में स्थित है और यह भगवान अयप्पा को समर्पित है। यह मंदिर 18 पहाड़ियों के बीच स्थित है और यहाँ हर साल लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
- इस मंदिर में केवल पुरुष ही प्रवेश कर सकते हैं।
- मान्यता है कि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी थे इसलिए महिलाओं का प्रवेश वर्जित है।
- यहाँ आने वाले भक्तों को 41 दिनों तक व्रत रखना पड़ता है।
क्यों नहीं की जाती हनुमान जी की पूजा?
इसके पीछे एक पौराणिक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि भगवान अयप्पा और हनुमान जी के बीच एक समझौता हुआ था। जब भगवान अयप्पा ने सबरीमाला में निवास करने का निर्णय लिया, तो हनुमान जी ने उनसे वादा किया कि वे इस स्थान को छोड़ देंगे और यहाँ उनकी पूजा नहीं की जाएगी।
पौराणिक कथा के अनुसार
एक कथा के अनुसार, जब भगवान अयप्पा सबरीमाला पहुँचे, तो हनुमान जी वहाँ पहले से ही निवास कर रहे थे। दोनों देवताओं के बीच एक समझौता हुआ कि हनुमान जी यह स्थान छोड़ देंगे और भगवान अयप्पा यहाँ निवास करेंगे। इसके बदले में, हनुमान जी ने शर्त रखी कि सबरीमाला में उनकी कोई मूर्ति स्थापित नहीं की जाएगी और न ही उनकी पूजा की जाएगी।
एक अन्य मान्यता यह भी है कि हनुमान जी ने भगवान अयप्पा से वादा किया कि वे सबरीमाला की रक्षा करेंगे, लेकिन बदले में उन्होंने यह शर्त रखी कि उनकी पूजा नहीं की जाएगी। इसीलिए आज भी सबरीमाला मंदिर में हनुमान जी की कोई मूर्ति नहीं है।
हनुमान जी और सबरीमाला का संबंध
हालाँकि सबरीमाला मंदिर में हनुमान जी की पूजा नहीं की जाती, लेकिन उनका इस स्थान से गहरा संबंध है। माना जाता है कि हनुमान जी आज भी सबरीमाला की रक्षा करते हैं।
- मंदिर के मुख्य द्वार पर हनुमान जी के पदचिन्ह बने हुए हैं।
- कुछ भक्तों का मानना है कि हनुमान जी यहाँ अदृश्य रूप में निवास करते हैं।
- मंदिर के आसपास के जंगलों में हनुमान जी की उपस्थिति महसूस की जा सकती है।
क्या है वैज्ञानिक दृष्टिकोण?
कुछ विद्वानों का मानना है कि सबरीमाला में हनुमान जी की पूजा न करने के पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी हो सकता है। यह स्थान एक विशेष प्रकार की ऊर्जा का केंद्र है और यहाँ केवल भगवान अयप्पा की पूजा करने से ही इस ऊर्जा का संतुलन बना रहता है।
अन्य स्थान जहाँ हनुमान जी की पूजा विशेष नियमों से की जाती है
सबरीमाला के अलावा भी कुछ ऐसे स्थान हैं जहाँ हनुमान जी की पूजा विशेष नियमों के साथ की जाती है:
- रामेश्वरम मंदिर: यहाँ हनुमान जी की मूर्ति समुद्र के पास स्थित है और उन्हें समुद्र का जल चढ़ाया जाता है।
- कुम्भकोणम हनुमान मंदिर: यहाँ हनुमान जी को तेल चढ़ाने की परंपरा है।
- जाम्बवन्त हनुमान मंदिर: यहाँ हनुमान जी और जाम्बवन्त की एक साथ पूजा की जाती है।
निष्कर्ष
सबरीमाला मंदिर में हनुमान जी की पूजा न करने की परंपरा सदियों पुरानी है और इसके पीछे एक पौराणिक कथा छुपी हुई है। हालाँकि हनुमान जी यहाँ पूजे नहीं जाते, लेकिन मान्यता है कि वे इस स्थान की रक्षा करते हैं। भक्ति में विश्वास और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण है, चाहे पूजा के नियम कुछ भी हों।
हनुमान जी सच्चे भक्तों के सभी संकट हरने वाले हैं, चाहे वे कहीं भी हों और किसी भी रूप में उनकी पूजा करें। “श्रीराम दूताय नमः” के मंत्र से हम सभी हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
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