यमुना छठ 2025: इन मंत्रों से प्रसन्न होती हैं मां यमुना
मां यमुना नदी का पवित्र जल भक्तों के लिए केवल जल नहीं, बल्कि मोक्ष का मार्ग है। यमुना छठ का पर्व मां यमुना की कृपा पाने का सुनहरा अवसर है। इस लेख में जानिए यमुना छठ 2025 की तिथि, महत्व और उन विशेष मंत्रों के बारे में जिनसे मां यमुना शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।
यमुना छठ का महत्व
हिंदू धर्म में यमुना नदी को भगवान श्रीकृष्ण की बहन और यमराज की बहन माना जाता है। यमुना छठ का व्रत करने से यमलोक के भय से मुक्ति मिलती है तथा आयु, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- यह व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है
- 2025 में यमुना छठ 3 जून, मंगलवार को पड़ रही है
- इस व्रत में यमुना स्नान और दान का विशेष महत्व है
यमुना छठ व्रत विधि
सुबह सूर्योदय से पहले उठकर यमुना नदी या घर पर ही यमुना जल से स्नान करें। साफ वस्त्र धारण कर निम्न विधि से पूजा करें:
- यमुना तट पर या घर के मंदिर में गंगा-यमुना की मूर्ति/चित्र स्थापित करें
- घी का दीपक जलाएं और फूल, फल, मिष्ठान्न अर्पित करें
- नीचे दिए गए यमुना मंत्रों का जाप करें
- सूर्य को अर्घ्य दें और ब्राह्मणों को भोजन कराएं
मां यमुना को प्रसन्न करने वाले मंत्र
1. यमुना ध्यान मंत्र
ॐ यमुनायै विद्महे, जगत्प्रियायै धीमहि, तन्नो यमुना प्रचोदयात्॥
इस मंत्र के जाप से मां यमुना का ध्यान करें। यह मंत्र यमुना के दिव्य स्वरूप को समर्पित है।
2. यमुना स्तोत्र मंत्र
“देवि त्वं यमुने पुण्या, पापं हरसि सर्वदा
त्वत्संगेनैव पुण्येन, मुक्तिं प्राप्नोति मानवः॥”
इस मंत्र का अर्थ है – “हे पवित्र यमुना देवी! आप सदैव पापों का नाश करती हैं। आपके सान्निध्य मात्र से मनुष्य मोक्ष प्राप्त कर लेता है।”
3. यमुना आरती मंत्र
“जय यमुना मैया, जय यमुना मैया
तुमको निसदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवजी॥”
इस सरल आरती मंत्र को भक्ति भाव से गाकर मां यमुना की आरती उतारें।
यमुना छठ की कथा
पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार, सतयुग में सूर्यपुत्र यमराज ने अपनी बहन यमुना से कहा कि जो भक्त षष्ठी तिथि को तुम्हारी पूजा करेगा, उसे यमलोक के दुख नहीं भोगने पड़ेंगे। तभी से यमुना छठ का पर्व मनाया जाने लगा।
यमुना छठ के लाभ
- मोक्ष की प्राप्ति: यमुना स्नान से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं
- आयु वृद्धि: इस व्रत को करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता
- संतान सुख: संतानहीन दंपत्ति को यमुना व्रत से संतान प्राप्ति होती है
- धन लाभ: यमुना मैया अपने भक्तों को धन-धान्य से पूर्ण करती हैं
यमुना छठ 2025 में विशेष सुझाव
- यदि यमुना नदी तक न जा सकें तो घर पर ही यमुना जल से स्नान करें
- व्रत के दिन उड़द की दाल और चावल का दान अवश्य करें
- मंत्र जाप के समय यमुना जल से भरा कलश सामने रखें
- पूजा के बाद “यमुना मैया की जय” का उच्चारण करें
निष्कर्ष
यमुना छठ का पावन पर्व भक्ति और श्रद्धा से मनाने पर मां यमुना अवश्य प्रसन्न होती हैं। 3 जून 2025 को इन विशेष मंत्रों के साथ यमुना मैया की आराधना करें और उनकी कृपा पाएं। यमुना मंत्रों का नियमित जाप जीवन से सभी कष्टों को दूर कर देता है। मां यमुना सभी भक्तों को पापमुक्त करके मोक्ष का मार्ग दिखाएं, यही हमारी प्रार्थना है।
