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10 महाविद्या: संकट हरण और उपासना मंत्र

Published June 26, 2026
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4 Min Read

दस महाविद्याओं का रहस्य

हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं का विशेष स्थान है। ये देवियां न केवल ज्ञान और शक्ति का प्रतीक हैं, बल्कि भक्तों के हर संकट को दूर करने की क्षमता रखती हैं। मान्यता है कि इनकी साधना से व्यक्ति को मोक्ष, समृद्धि और अद्भुत सिद्धियां प्राप्त होती हैं। आइए, जानते हैं इन दस महाविद्याओं के बारे में विस्तार से और कैसे इनकी उपासना हमारे जीवन को बदल सकती है।

Contents
दस महाविद्याओं का रहस्य1. काली माता: संहारक शक्ति की देवीमहत्वमंत्रउपासना विधि2. तारा देवी: तारणहारिणी मातामहत्वमंत्रउपासना विधि3. षोडशी (त्रिपुर सुंदरी): सौंदर्य और समृद्धि की देवीमहत्वमंत्रउपासना विधि4. भुवनेश्वरी: समस्त विश्व की स्वामिनीमहत्वमंत्रउपासना विधि5. छिन्नमस्ता: त्याग और मुक्ति की देवीमहत्वमंत्रउपासना विधि6. त्रिपुर भैरवी: तांत्रिक शक्ति की देवीमहत्वमंत्रउपासना विधि7. धूमावती: विधवा रूप में मातामहत्वमंत्रउपासना विधि8. बगलामुखी: शत्रु संहारक देवीमहत्वमंत्रउपासना विधि9. मातंगी: कला और संगीत की देवीमहत्वमंत्रउपासना विधि10. कमला: धन और समृद्धि की देवीमहत्वमंत्रउपासना विधिमहाविद्याओं की साधना का फल

1. काली माता: संहारक शक्ति की देवी

महत्व

  • काली माता को समस्त बुराइयों का नाश करने वाली माना जाता है।
  • वे अज्ञानता और अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाती हैं।

मंत्र

  
ॐ क्रीं कालिकायै नमः  

उपासना विधि

  • मध्यरात्रि में काले वस्त्र धारण कर पूजा करें।
  • लाल चंदन और लाल फूल अर्पित करें।

2. तारा देवी: तारणहारिणी माता

महत्व

  • तारा देवी भक्तों को संकटों से पार लगाने वाली हैं।
  • विद्या और बुद्धि प्रदान करती हैं।

मंत्र

  
ॐ ह्रीं स्त्रीं हूं फट्  

उपासना विधि

  • नीले रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करें।
  • नारियल और नीले फूल चढ़ाएं।

3. षोडशी (त्रिपुर सुंदरी): सौंदर्य और समृद्धि की देवी

महत्व

  • इन्हें मोक्ष और ऐश्वर्य प्रदान करने वाली देवी माना जाता है।
  • सुख-समृद्धि और सौभाग्य देती हैं।

मंत्र

  
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः  

उपासना विधि

  • लाल या गुलाबी वस्त्र धारण कर पूजा करें।
  • गुलाब के फूल और मिष्ठान अर्पित करें।

4. भुवनेश्वरी: समस्त विश्व की स्वामिनी

महत्व

  • भुवनेश्वरी माता ब्रह्मांड की शासक हैं।
  • शत्रुओं पर विजय और मनोकामना पूर्ति करती हैं।

मंत्र

  
ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः  

उपासना विधि

  • पीले वस्त्र पहनकर पूजा करें।
  • केसर और पीले फूल चढ़ाएं।

5. छिन्नमस्ता: त्याग और मुक्ति की देवी

महत्व

  • छिन्नमस्ता माता अहंकार का नाश करती हैं।
  • मोक्ष और निर्भयता प्रदान करती हैं।

मंत्र

  
ॐ छीं छिन्नमस्तिकायै नमः  

उपासना विधि

  • लाल या काले वस्त्र धारण करें।
  • तिल और गुड़ का भोग लगाएं।

6. त्रिपुर भैरवी: तांत्रिक शक्ति की देवी

महत्व

  • त्रिपुर भैरवी शत्रु बाधा दूर करती हैं।
  • साहस और शक्ति प्रदान करती हैं।

मंत्र

  
ॐ ह्रीं भैरवी क्लीं फट्  

उपासना विधि

  • सिंदूर और लाल फूल चढ़ाएं।
  • रात्रि में तांत्रिक विधि से पूजा करें।

7. धूमावती: विधवा रूप में माता

महत्व

  • धूमावती दुखों का नाश करती हैं।
  • निराशा को दूर कर आशा का संचार करती हैं।

मंत्र

  
ॐ धूं धूमावती देव्यै नमः  

उपासना विधि

  • काले या सफेद वस्त्र धारण करें।
  • धूप और सूखे फूल अर्पित करें।

8. बगलामुखी: शत्रु संहारक देवी

महत्व

  • बगलामुखी माता शत्रुओं पर विजय दिलाती हैं।
  • न्यायालय के मामलों में विजय प्रदान करती हैं।

मंत्र

  
ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै ह्लीं नमः  

उपासना विधि

  • पीले वस्त्र पहनकर पूजा करें।
  • हल्दी और पीले चावल चढ़ाएं।

9. मातंगी: कला और संगीत की देवी

महत्व

  • मातंगी विद्या और कला प्रदान करती हैं।
  • मनोवांछित फल देने वाली हैं।

मंत्र

  
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं मातंग्यै फट् स्वाहा  

उपासना विधि

  • हरे रंग के वस्त्र धारण करें।
  • हरी इलायची और मिठाई अर्पित करें।

10. कमला: धन और समृद्धि की देवी

महत्व

  • कमला माता धन और ऐश्वर्य देती हैं।
  • लक्ष्मी का ही एक रूप मानी जाती हैं।

मंत्र

  
ॐ श्रीं कमलायै नमः  

उपासना विधि

  • लाल या सुनहरे वस्त्र पहनें।
  • स्वर्ण आभूषण और सिक्के चढ़ाएं।

महाविद्याओं की साधना का फल

इन दस महाविद्याओं की साधना से व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। चाहे वह धन हो, विद्या हो, या शत्रु पर विजय—ये देवियां अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करतीं। श्रद्धा और विधि-विधान से की गई उपासना अवश्य फलदायी होती है। इसलिए, जीवन के संकटों से मुक्ति पाने के लिए इन महाविद्याओं की शरण लें और उनके दिव्य आशीर्वाद को प्राप्त करें।

जय माता दी!

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