मासिक दुर्गाष्टमी का महत्व
हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का विशेष महत्व है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आज हम आपको इस पावन पर्व के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा के बारे में विस्तार से बताएंगे।
मासिक दुर्गाष्टमी 2023: शुभ मुहूर्त
इस महीने की दुर्गाष्टमी [तिथि] को पड़ रही है। पूजा के लिए शुभ समय इस प्रकार है:
- अष्टमी तिथि प्रारंभ: [समय]
- अष्टमी तिथि समाप्त: [समय]
- पूजा का शुभ मुहूर्त: [समय] से [समय]
- अभिजीत मुहूर्त: [समय] (विशेष फलदायी)
नोट: स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
मासिक दुर्गाष्टमी पूजा विधि
पूजन सामग्री
- माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र
- लाल कपड़ा
- रोली, मौली, अक्षत, पुष्प
- धूप, दीप, घी
- फल, मिठाई, पंचामृत
- कुमकुम, हल्दी, चंदन
विस्तृत पूजा विधि
- सुबह स्नान: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- व्रत संकल्प: पूजा स्थल पर बैठकर व्रत का संकल्प लें: “मम सर्व पापक्षयपूर्वक सुख-समृद्ध्यर्थं दुर्गाष्टमी व्रतमहं करिष्ये।”
- कलश स्थापना: मिट्टी के कलश में जल भरकर उस पर आम के पत्ते रखें। कलश के ऊपर नारियल स्थापित करें।
- दुर्गा स्थापना: लाल कपड़े पर माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- घटस्थापना मंत्र: “ॐ आगच्छ वरदे देवि क्षीरोदार्णव संभवे। पूजां गृहाण मे देवि परमानन्ददायिनि॥”
- षोडशोपचार पूजन: माँ को 16 प्रकार से पूजें (आवाहन, आसन, पाद्य, अर्घ्य आदि)।
- दुर्गा चालीसा पाठ: पूरे भक्तिभाव से दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
- आरती: “जय अम्बे गौरी…” आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत कथा
प्राचीन काल में एक गरीब ब्राह्मणी थी जो नियमित रूप से दुर्गाष्टमी का व्रत करती थी। एक बार उसने भूखे पेट ही व्रत रखा और पूरी श्रद्धा से माँ दुर्गा की पूजा की। उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर माँ दुर्गा ने उसे दर्शन दिए और कहा:
“हे पुत्री! तेरी भक्ति से मैं अत्यंत प्रसन्न हूँ। मैं तेरे सभी कष्ट दूर करती हूँ और तुझे धन-धान्य से संपन्न करती हूँ।”
माँ के आशीर्वाद से ब्राह्मणी का घर धन-धान्य से भर गया। इस कथा से यह शिक्षा मिलती है कि सच्चे मन से किया गया व्रत अवश्य फलदायी होता है।
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत के नियम
- इस दिन सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।
- पूरे दिन उपवास रखें या फलाहार करें।
- क्रोध, झूठ और बुरे विचारों से दूर रहें।
- गरीबों को भोजन या दान अवश्य दें।
- रात को सोते समय माँ दुर्गा का स्मरण करें।
मासिक दुर्गाष्टमी का महत्व
शास्त्रों के अनुसार मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत करने से:
- माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है
- संकटों से मुक्ति मिलती है
- धन-समृद्धि में वृद्धि होती है
- सुखी वैवाहिक जीवन की प्राप्ति होती है
- नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है
मासिक दुर्गाष्टमी का यह पावन पर्व हमें माँ दुर्गा के करीब लाता है। इस व्रत को पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर माँ अपने भक्तों के सभी कष्ट हर लेती हैं। आइए, इस अष्टमी को हम सभी मिलकर माँ दुर्गा की भक्ति में डूब जाएं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
“या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”
माँ दुर्गा सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें!

