आज बुढ़वा मंगल का पावन दिन है, जिस दिन भगवान हनुमान जी ने लंका को अग्नि के हवाले कर दिया था। यह वही दिन है जब पवनपुत्र ने रावण के घमंड को चूर-चूर कर दिया और सीता माता की खोज में अपनी अद्भुत शक्तियों का परिचय दिया। यह कथा न सिर्फ भक्ति से जुड़ी है, बल्कि यह हमें अहंकार के परिणाम और भक्ति की शक्ति का सबक भी सिखाती है।
लंका दहन की पृष्ठभूमि
जब रावण ने माता सीता का हरण किया, तो भगवान राम और लक्ष्मण जी उनकी खोज में निकले। हनुमान जी को सीता माता का पता लगाने का दायित्व मिला। समुद्र लांघकर जब वे लंका पहुंचे, तो उन्होंने अशोक वाटिका में सीता माता को देखा। लेकिन रावण के दरबार में जाकर उन्होंने उसे समझाने का प्रयास किया।
- रावण का अहंकार: रावण ने हनुमान जी की बात नहीं मानी और उन्हें अपमानित किया।
- लंका दहन का निर्णय: हनुमान जी ने रावण को सबक सिखाने के लिए लंका को जलाने का निश्चय किया।
हनुमान जी ने कैसे जलाई लंका?
हनुमान जी ने अपनी पूंछ में आग लगाकर पूरी लंका को धू-धू कर जलाया। यह दृश्य अद्भुत था – एक छोटे से वानर ने राक्षसों की विशाल नगरी को भस्म कर दिया। लेकिन इस आग में एक विशेष बात थी – अशोक वाटिका को छोड़कर, क्योंकि वहां सीता माता विराजमान थीं।
लंका दहन के पीछे का संदेश
- अहंकार का अंत: रावण का घमंड उसकी हार का कारण बना।
- भक्ति की शक्ति: हनुमान जी ने अपनी भक्ति और बुद्धिमत्ता से असंभव को संभव कर दिखाया।
बुढ़वा मंगल क्यों मनाया जाता है?
इस दिन को बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है क्योंकि यह मंगलवार को पड़ता है और इसका संबंध हनुमान जी की महिमा से है। इस दिन भक्त हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ और हनुमान आरती करते हैं।
इस दिन क्या करें?
- हनुमान चालीसा का पाठ:
“बाल समय रवि भक्षी लियो, तब तीनहुं लोक भयो अंधियारो।”
- लाल चंदन का तिलक लगाएं: हनुमान जी को लाल चंदन अर्पित करने से कष्ट दूर होते हैं।
- भोग लगाएं: बेसन के लड्डू या गुड़-चना का प्रसाद चढ़ाएं।
हनुमान जी की भक्ति का महत्व
हनुमान जी न सिर्फ रामभक्त हैं, बल्कि वे भक्तों के रक्षक भी हैं। उनकी भक्ति से डर, चिंता और संकट दूर होते हैं। आज के दिन उन्हें याद करने का विशेष महत्व है।
हनुमान मंत्र
“ॐ हनुमते नमः”
इस मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और बाधाएं दूर होती हैं।
बुढ़वा मंगल की शुभकामनाएं
आज का दिन हमें याद दिलाता है कि अहंकार कभी विजयी नहीं होता और भक्ति की शक्ति असीम है। हनुमान जी की कृपा से हर मुसीबत का समाधान होता है। इस बुढ़वा मंगल पर हम सभी को हनुमान जी की आराधना करनी चाहिए और उनसे आशीर्वाद मांगना चाहिए।
जय श्री राम! जय हनुमान!
