# धर्म: हनुमान जी को क्यों कहा जाता है बजरंगबली, जानिए इससे जुड़ी कथा
प्रस्तावना
हिंदू धर्म में हनुमान जी को भगवान शिव का अवतार माना जाता है। उनकी अपार शक्ति, भक्ति और निष्ठा के कारण उन्हें बजरंगबली कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हनुमान जी को यह नाम क्यों मिला? आज हम इसी रोचक कथा के बारे में जानेंगे।
बजरंगबली नाम का अर्थ
बजरंगबली शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – “बजरंग” और “बली”।
- बजरंग का अर्थ है “वज्र के समान कठोर शरीर”।
- बली का अर्थ है “शक्तिशाली” या “बलवान”।
इस प्रकार, बजरंगबली का मतलब हुआ – “वज्र के समान अटल और शक्तिशाली”।
हनुमान जी को बजरंगबली क्यों कहा जाता है?
हनुमान जी के इस नाम के पीछे एक पौराणिक कथा प्रचलित है, जो उनकी अद्भुत शक्ति और भगवान राम के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
लंका दहन और इंद्र का वज्र
जब हनुमान जी लंका में सीता माता की खोज कर रहे थे, तब रावण ने उनकी पूँछ में आग लगवा दी। क्रोधित होकर हनुमान जी ने अपनी जलती हुई पूँछ से पूरी लंका को जला दिया। इस घटना के बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तो देवराज इंद्र ने उन पर वज्र से प्रहार किया।
हनुमान जी का वज्र के समान शरीर
इंद्र के वज्र से हनुमान जी का जबड़ा (हनु) टूट गया, जिसके कारण उनका नाम हनुमान पड़ा। लेकिन इस प्रहार से उनका शरीर और भी मजबूत हो गया। भगवान ब्रह्मा ने उन्हें वरदान दिया कि कोई भी अस्त्र-शस्त्र उनके शरीर को नुकसान नहीं पहुँचा सकेगा। तब से उनका शरीर वज्र के समान अटल हो गया और उन्हें बजरंगबली कहा जाने लगा।
बजरंगबली की महिमा
हनुमान जी की शक्ति और भक्ति की महिमा अपरंपार है। उन्हें संकटमोचन भी कहा जाता है, क्योंकि वे भक्तों के सभी कष्टों को दूर करते हैं।
- रामभक्ति: हनुमान जी ने अपना सर्वस्व भगवान राम को समर्पित कर दिया।
- अजर-अमर: वे चिरंजीवी हैं और कलयुग में भी भक्तों की रक्षा करते हैं।
- शक्ति का प्रतीक: उनका बजरंग शरीर अडिग साहस और शक्ति का प्रतीक है।
बजरंगबली की आराधना
हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों को शक्ति, साहस और संकटों से मुक्ति मिलती है।
मंत्र और पूजा विधि
- हनुमान चालीसा: नियमित पाठ करने से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
- बजरंग बाण: इस मंत्र का जाप शत्रुओं से रक्षा करता है।
मंत्र:
“ॐ हनुमते नमः”
“ॐ नमो भगवते आंजनेयाय”
निष्कर्ष
हनुमान जी का नाम बजरंगबली उनकी अद्वितीय शक्ति और भक्ति का प्रतीक है। उनकी कृपा पाने के लिए नियमित पूजा-अर्चना और मंत्र जाप करना चाहिए। जो भक्त सच्चे मन से उनकी शरण में जाता है, उसके सभी संकट दूर हो जाते हैं।
श्लोक:
“बुद्धिर्बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वमरोगता।
अजाड्यं वाक्पटुत्वं च हनुमत्स्मरणात् भवेत्॥”
अर्थात, हनुमान जी का स्मरण करने से बुद्धि, बल, यश, धैर्य, निर्भयता, स्वास्थ्य, चपलता और वाक्-पटुता प्राप्त होती है।
जय बजरंगबली! 🙏
