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रमजान 2025 सहरी और इफ्तार टाइम टेबल: 14 मई 2025
रमजान का पवित्र महीना मुसलमानों के लिए आत्मशुद्धि, इबादत और रोजे का समय होता है। 14 मई 2025 को रोजेदारों के लिए सहरी और इफ्तार के सही समय की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। यह लेख आपको भारत के प्रमुख शहरों के लिए सटीक समय सारणी प्रदान करेगा, साथ ही रोजे के महत्व और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डालेगा।
रमजान 2025: एक पवित्र शुरुआत
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान 2025 की शुरुआत 1 मार्च 2025 को होने की संभावना है। हालांकि, चाँद दिखने पर ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। 14 मई 2025 को रमजान का पवित्र दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह महीने के अंतिम पड़ाव में आता है और लैलतुल कद्र (शब-ए-कद्र) की तैयारी का समय होता है।
14 मई 2025 के लिए सहरी और इफ्तार का समय
नीचे भारत के प्रमुख शहरों के लिए 14 मई 2025 की सहरी (सुबह का भोजन) और इफ्तार (रोजा खोलने का समय) की समय सारणी दी गई है:
- दिल्ली: सहरी – 4:15 AM | इफ्तार – 7:02 PM
- मुंबई: सहरी – 4:58 AM | इफ्तार – 7:12 PM
- बेंगलुरु: सहरी – 4:45 AM | इफ्तार – 6:45 PM
- हैदराबाद: सहरी – 4:30 AM | इफ्तार – 6:50 PM
- कोलकाता: सहरी – 3:45 AM | इफ्तार – 6:15 PM
- चेन्नई: सहरी – 4:25 AM | इफ्तार – 6:30 PM
सहरी का महत्व और सुन्नतें
सहरी रोजे की तैयारी का पहला चरण है। पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.) ने कहा है: “सहरी खाने में बरकत है”। सहरी के समय इन बातों का ध्यान रखें:
- हल्का और पौष्टिक भोजन करें
- अधिक मात्रा में पानी पिएं
- सहरी के बाद दुआ जरूर पढ़ें
- सहरी का समय समाप्त होने से पहले भोजन बंद कर दें
इफ्तार की फजीलत और आदाब
इफ्तार का समय अल्लाह की रहमतों का समय माना जाता है। हदीस में आता है: “रोजेदार के लिए इफ्तार के समय की दुआ कभी नहीं ठुकराई जाती”। इफ्तार के समय ये सुन्नतें अपनाएं:
- खजूर या पानी से रोजा खोलें
- इफ्तार की दुआ पढ़ें: “अल्लाहुम्मा लक सुम्तु वा अला रिज्किका अफ्तरतु”
- जल्दी इफ्तार करना सुन्नत है
- गरीबों को इफ्तार करवाने का विशेष सवाब है
रमजान के आखिरी अशरे की फजीलत
14 मई 2025 रमजान के आखिरी अशरे में पड़ता है, जिसे नजात का अशरा कहा जाता है। इस दौरान:
- इबादत का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है
- लैलतुल कद्र की तलाश की जाती है
- दान-खैरात का विशेष महत्व है
- तकबीरें (अल्लाहु अकबर) ज्यादा पढ़नी चाहिए
मौसमी विचार और स्वास्थ्य सुझाव
मई का महीना भारत में गर्मी का समय होता है। लंबे समय तक रोजा रखने के लिए ये सुझाव मददगार होंगे:
- सहरी में तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें
- धूप से बचें और छाया में रहें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- दिन में ज्यादा शारीरिक श्रम न करें
निष्कर्ष
14 मई 2025 का दिन रमजान के पवित्र महीने में विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। सहरी और इफ्तार के सही समय का पालन करके हम इस महीने की पूरी बरकत प्राप्त कर सकते हैं। यह समय अपने आप को पवित्र करने, दुआओं में लीन होने और गरीबों की मदद करने का सुनहरा अवसर है। मई की गर्मी में भी रोजे पूरी नियत और हिम्मत से रखें और अल्लाह की रहमतों के दरवाजे खटखटाएं।
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