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Navratri Aarti Brahmacharini Maa Ki Aarti Se Milta Hai Vrat Ka Fal

Published June 26, 2026
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Contents
नवरात्रि आरती: ब्रह्मचारिणी मां की इस आरती से मिलता है व्रत का फलब्रह्मचारिणी मां का स्वरूप और महत्वब्रह्मचारिणी आरती का पाठआरती करने की विधिब्रह्मचारिणी आरती के लाभविशेष टिप्सनिष्कर्ष

नवरात्रि आरती: ब्रह्मचारिणी मां की इस आरती से मिलता है व्रत का फल

नवरात्रि के पावन पर्व में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। द्वितीय दिन मां ब्रह्मचारिणी की उपासना का विशेष महत्व है। यह आरती न केवल भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि व्रत के पूर्ण फल की प्राप्ति भी करवाती है। आइए जानें इस आरती की महिमा और पूजन विधि।

ब्रह्मचारिणी मां का स्वरूप और महत्व

मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी तप और संयम की देवी हैं। इनके एक हाथ में कमण्डल और दूसरे हाथ में जप की माला विराजमान है। इनकी आराधना से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

  • तपस्या की प्रतीक: मां ब्रह्मचारिणी ने हजारों वर्षों तक कठोर तपस्या की
  • संयम का आदर्श: इनकी पूजा से मनुष्य को आत्मसंयम की शक्ति मिलती है
  • ज्ञान की दात्री: विद्या और बुद्धि प्रदान करने वाली माता

ब्रह्मचारिणी आरती का पाठ

नवरात्रि के दूसरे दिन इस आरती का विशेष महत्व है:

जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता, जय चतुरानन प्रिय सुखदाता॥
ब्रह्मस्वरूपा तपस्या रता, तुम ही पूज्या तुम ही ध्याता॥

कमण्डल चन्द्र घन सुशोभित, कर में जपमाला लिये॥
जय सती शांत स्वरूप अद्भुत, भक्तन हित सब किये॥

आरती करने की विधि

मां ब्रह्मचारिणी की आरती करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:

  • शुद्धता: स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  • आसन: लाल या पीले रंग का आसन बिछाएं
  • दीप: घी का दीपक जलाकर आरती प्रारंभ करें
  • नैवेद्य: मां को शक्कर या मिश्री का भोग लगाएं

ब्रह्मचारिणी आरती के लाभ

नियमित रूप से इस आरती का पाठ करने से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं:

  • मानसिक शांति: चिंताओं और तनाव से मुक्ति मिलती है
  • सफलता: शिक्षा और कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है
  • संयम: मन की चंचलता पर नियंत्रण होता है
  • आरोग्य: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ

विशेष टिप्स

नवरात्रि के दूसरे दिन इन विशेष उपायों को अपनाएं:

  • मां को श्वेत पुष्प अर्पित करें
  • सफेद वस्त्र धारण करें या दान करें
  • दिन भर फलाहार या सात्विक भोजन ग्रहण करें
  • मंत्र जप: “ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः” का उच्चारण करें

निष्कर्ष

मां ब्रह्मचारिणी की आरती नवरात्रि पर्व का एक अभिन्न अंग है। इसके नियमित पाठ से भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ सांसारिक सुखों की भी प्राप्ति होती है। यह आरती हमें मां के तपस्वी स्वरूप से प्रेरणा लेने का अवसर देती है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मां ब्रह्मचारिणी की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे।

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