MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: 14 November Bhagwan Mahavir Nirvan Utsav Kyun Kahe Gaye Mahavir
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

14 November Bhagwan Mahavir Nirvan Utsav Kyun Kahe Gaye Mahavir

Published June 26, 2026
Share
4 Min Read

“`html

Contents
14 नवंबर को मनाया जाएगा भगवान महावीर का निर्वाण उत्सव, जानिए क्यों कहलाए महावीर?भगवान महावीर का जीवन परिचयमहावीर बनने का सफरक्यों कहलाए महावीर?महावीर नाम के पीछे की कहानीनिर्वाण उत्सव का महत्वउत्सव कैसे मनाया जाता है?भगवान महावीर की शिक्षाएंमहावीर के प्रमुख उपदेशनिष्कर्ष

14 नवंबर को मनाया जाएगा भगवान महावीर का निर्वाण उत्सव, जानिए क्यों कहलाए महावीर?

भारतीय संस्कृति में त्योहारों और उत्सवों का विशेष महत्व है। इनमें से एक पावन अवसर है भगवान महावीर का निर्वाण उत्सव, जो प्रतिवर्ष 14 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन जैन धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान महावीर ने मोक्ष प्राप्त किया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्हें महावीर क्यों कहा जाता है? आइए, इस लेख में हम भगवान महावीर के जीवन, उनके निर्वाण उत्सव और उनके नाम के पीछे छिपे रहस्य को जानेंगे।

भगवान महावीर का जीवन परिचय

भगवान महावीर, जिन्हें वर्धमान महावीर के नाम से भी जाना जाता है, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। उनका जन्म लगभग 599 ईसा पूर्व बिहार के कुंडग्राम में हुआ था। उनके पिता राजा सिद्धार्थ और माता रानी त्रिशला थीं। बचपन से ही उनमें अद्भुत प्रतिभा और आध्यात्मिक झुकाव था।

महावीर बनने का सफर

  • त्याग की प्रेरणा: 30 वर्ष की आयु में उन्होंने सांसारिक सुखों का त्याग कर दिया और साधना के मार्ग पर चल पड़े।
  • कठोर तपस्या: 12 वर्षों तक कठोर तपस्या करने के बाद उन्हें कैवल्य ज्ञान (पूर्ण ज्ञान) की प्राप्ति हुई।
  • अहिंसा का संदेश: उन्होंने अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह के पंचमहाव्रत का उपदेश दिया।

क्यों कहलाए महावीर?

भगवान महावीर को यह नाम उनकी अदम्य साहस और आध्यात्मिक शक्ति के कारण मिला। संस्कृत में “महा” का अर्थ है महान और “वीर” का अर्थ है शूरवीर। उन्होंने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी।

महावीर नाम के पीछे की कहानी

  • कठिनाइयों पर विजय: तपस्या के दौरान उन्होंने भूख, प्यास, ठंड, गर्मी और जंगली जानवरों के भय को जीत लिया।
  • आत्मसंयम: उन्होंने अपनी इंद्रियों पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त किया, जिससे वे महावीर कहलाए।
  • आध्यात्मिक युद्ध: उन्होंने कर्मों के विरुद्ध एक योद्धा की तरह संघर्ष किया और विजय प्राप्त की।

निर्वाण उत्सव का महत्व

14 नवंबर को मनाया जाने वाला निर्वाण उत्सव भगवान महावीर के मोक्ष प्राप्ति का दिन है। इस दिन उन्होंने अपनी नश्वर देह का त्याग कर मोक्ष (मुक्ति) प्राप्त की। जैन धर्म में इस दिन को दीपावली के रूप में भी मनाया जाता है।

उत्सव कैसे मनाया जाता है?

  • प्रार्थना और ध्यान: जैन मंदिरों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं।
  • दीप प्रज्वलन: भगवान महावीर के ज्ञान के प्रतीक के रूप में दीपक जलाए जाते हैं।
  • अहिंसा का संकल्प: लोग इस दिन अहिंसा और सदाचार का पालन करने का संकल्प लेते हैं।

भगवान महावीर की शिक्षाएं

भगवान महावीर की शिक्षाएं आज भी मानव जाति के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने जीवो का जीव से बचाव (सभी प्राणियों के प्रति दया) का संदेश दिया।

महावीर के प्रमुख उपदेश

  • अहिंसा परमो धर्म: सभी जीवों के प्रति दया और अहिंसा सर्वोच्च धर्म है।
  • सत्य की राह: हमेशा सत्य बोलना चाहिए, भले ही वह कड़वा हो।
  • आत्मनिर्भरता: अपने कर्मों पर विश्वास रखो, भाग्य के भरोसे न रहो।

निष्कर्ष

भगवान महावीर का जीवन और उनकी शिक्षाएं मानवता के लिए एक मार्गदर्शक हैं। 14 नवंबर को मनाया जाने वाला निर्वाण उत्सव न केवल जैन समुदाय के लिए बल्कि सभी के लिए आत्मचिंतन और आध्यात्मिक विकास का अवसर है। उनका महावीर नाम उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और आत्मबल का प्रतीक है। आइए, इस पावन अवसर पर हम उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें और अहिंसा, सत्य और प्रेम का संदेश फैलाएं।

“`

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

नए साल का आगमन बुधवार से ऐसे करें शुरुआत

सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों की विदाई

गणेश जी के हाथ में दांत क्यों रखते हैं जानकर हैरान रह जाएंगे

गंगाजल के फायदे और घर की समस्याओं का समाधान

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality June 26, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality June 26, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality June 26, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality June 26, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

June 26, 2026

Ramadan 2025 Sehri Iftar Time 05 April सहरी इफ्तार समय

June 26, 2026

Easter Sunday 2025 ईस्टर संडे का महत्व और मनाने का तरीका

June 26, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?