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फरवरी 2025 में मौनी अमावस्या से लेकर जानिए सभी व्रत एवं त्योहारों की तारीख
फरवरी का महीना भारतीय संस्कृति में विशेष आस्था और उत्साह लेकर आता है। इस माह में मौनी अमावस्या जैसे पावन पर्व से लेकर कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। आइए, जानते हैं फरवरी 2025 के सभी धार्मिक आयोजनों की तिथियाँ, महत्व और पूजा-विधि विस्तार से…
फरवरी 2025 के प्रमुख व्रत एवं त्योहार
- 1 फरवरी – मौनी अमावस्या
- 3 फरवरी – गुरुवार व्रत (भीमसेनी एकादशी)
- 8 फरवरी – कालाष्टमी
- 10 फरवरी – जया एकादशी
- 12 फरवरी – प्रदोष व्रत
- 14 फरवरी – महाशिवरात्रि
- 17 फरवरी – अमलकी एकादशी
- 24 फरवरी – विजया एकादशी
मौनी अमावस्या (1 फरवरी 2025)
माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। इस दिन मौन रहकर गंगा स्नान व दान का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन पितरों को तर्पण देने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पूजा विधि
- प्रातः काल सूर्योदय से पहले गंगा या पवित्र नदी में स्नान करें
- मौन धारण करके काले तिल व जल से तर्पण करें
- पीपल के वृक्ष के नीचे दीपदान करें
- ब्राह्मणों को भोजन व दान दें
महाशिवरात्रि (14 फरवरी 2025)
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को मनाए जाने वाले इस पर्व में भगवान शिव की आराधना का विधान है। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए रुद्राभिषेक करने से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
विशेष पूजन सामग्री
- बिल्व पत्र, धतूरा, अकुआ के फूल
- दूध, दही, घी, शहद व गंगाजल से अभिषेक
- सफेद वस्त्र, चंदन व अक्षत
एकादशी व्रतों का महत्व
फरवरी 2025 में तीन एकादशियाँ पड़ रही हैं जिनमें जया, अमलकी और विजया एकादशी विशेष फलदायी हैं। इन व्रतों में भगवान विष्णु की पूजा करके हरि की कृपा प्राप्त की जा सकती है।
एकादशी व्रत कथा सुनने का लाभ
शास्त्रों में कहा गया है – “एकादश्यां यः पठति शृणोति वा कथामिमाम्। तस्य पुण्यफलं वक्तुं न शक्ताः षण्मुखोऽपि हि॥” अर्थात जो एकादशी व्रत कथा सुनता या पढ़ता है, उसके पुण्य का वर्णन स्वयं भगवान कार्तिकेय भी नहीं कर सकते।
प्रदोष व्रत (12 फरवरी 2025)
त्रयोदशी तिथि को मनाए जाने वाले इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त आराधना की जाती है। सांयकाल के समय (प्रदोष काल) में की गई पूजा विशेष फलदायी मानी गई है।
प्रदोष व्रत कथा का सार
पौराणिक कथा के अनुसार, एक गरीब ब्राह्मण ने नियमित प्रदोष व्रत रखकर शिव-पार्वती की कृपा से अपना जीवन धन-धान्य से परिपूर्ण कर लिया था।
निष्कर्ष
फरवरी 2025 का माह आध्यात्मिक उन्नति के लिए अद्भुत अवसर प्रदान करता है। मौनी अमावस्या से लेकर महाशिवरात्रि तक के इन पावन पर्वों में व्रत-पूजन करके हम अपने जीवन को धन्य बना सकते हैं। इन तिथियों पर पवित्र नदियों में स्नान, दान व मंत्र जाप अवश्य करें।
याद रखें – “पर्वाणि यानि सन्त्यत्र तेषु सर्वत्र पूजयेत्। देवानृषीन्पितॄंश्चैव यथाशक्ति यथाविधि॥” अर्थात, जितने भी पर्व हों, उनमें यथाशक्ति देवता, ऋषि और पितरों का पूजन अवश्य करना चाहिए।
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