सकट चौथ 2025: चंद्रोदय का शुभ समय और पूजा विधि
हिंदू धर्म में सकट चौथ का व्रत संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से उत्तर भारत के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और बिहार में बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। 2025 में सकट चौथ के अवसर पर चंद्रमा के दर्शन का समय जानने के लिए पढ़ें यह विस्तृत लेख।
सकट चौथ 2025: तिथि और महत्व
माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ मनाई जाती है। इस वर्ष यह पर्व 30 जनवरी 2025 को पड़ रहा है। इस दिन गणेश जी और चंद्र देव की विशेष पूजा की जाती है।
- संतान की रक्षा और उनके कल्याण का व्रत
- सभी संकटों को हरने वाला माना जाता है
- चंद्रोदय के समय विशेष पूजा का महत्व
यूपी, हरियाणा, दिल्ली और बिहार में चंद्रोदय समय
सकट चौथ व्रत का पारण चंद्रमा के दर्शन के बाद ही किया जाता है। नीचे दिए गए शहरों के अनुसार चंद्रोदय का अनुमानित समय:
उत्तर प्रदेश (लखनऊ, कानपुर, वाराणसी)
- चंद्रोदय समय: शाम 7:42 बजे से 8:15 बजे तक
- पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 6:15 बजे से 8:30 बजे तक
हरियाणा (चंडीगढ़, फरीदाबाद, गुरुग्राम)
- चंद्रोदय समय: शाम 7:50 बजे से 8:20 बजे तक
- विशेष नोट: चंद्रमा पूर्वी दिशा में दिखाई देगा
दिल्ली एनसीआर
- चंद्रोदय समय: शाम 7:45 बजे (अनुमानित)
- दर्शन अवधि: चंद्रमा लगभग 30 मिनट तक स्पष्ट दिखेगा
बिहार (पटना, गया, मुजफ्फरपुर)
- चंद्रोदय समय: शाम 7:35 बजे से 8:05 बजे तक
- मौसम पूर्वानुमान: साफ आसमान की संभावना
सकट चौथ व्रत पूजा विधि
इस व्रत को करने की विधि बेहद सरल है, परंतु कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए:
सुबह की तैयारी
- सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें
- साफ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लें
- पूरे दिन निर्जला व्रत रखें
शाम की पूजा
- लाल कपड़े पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें
- सिंकदर (सफेद तिल) और गुड़ का भोग लगाएं
- निम्न मंत्र का 108 बार जाप करें:
“ॐ गं गणपतये नमः”
चंद्रोदय के बाद
- चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलें
- पूरे परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करें
- गरीबों को भोजन या दान दें
सकट चौथ की कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक बार एक राजा के सात पुत्र थे। सबसे छोटे पुत्र की पत्नी ने यह व्रत किया था। जब उसके पति पर संकट आया तो इस व्रत के प्रभाव से वह सकुशल बच गया। तभी से इस व्रत को संकट हरण व्रत भी कहा जाता है।
महत्वपूर्ण सावधानियां
- चंद्रमा के दर्शन के बिना व्रत न खोलें
- व्रत के दिन किसी का अपमान न करें
- मिथ्या भाषण से बचें
- लोहे के बर्तन में भोजन न करें
निष्कर्ष
सकट चौथ का व्रत संतान के कल्याण और पारिवारिक सुख का प्रतीक है। 2025 में यह व्रत 30 जनवरी को मनाया जाएगा। उत्तर भारत के विभिन्न शहरों में शाम 7:30 से 8:15 बजे के बीच चंद्रोदय होगा। इस पावन अवसर पर सच्चे मन से की गई पूजा सभी संकटों को दूर करने वाली मानी जाती है।
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