MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Budh Pradosh Vrat Katha: प्रदोष व्रत कथा सुख समृद्धि के लिए
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Budh Pradosh Vrat Katha: प्रदोष व्रत कथा सुख समृद्धि के लिए

प्रदोष व्रत कथा पढ़ें और जानें बुधवार को प्रदोष काल में इस व्रत का महत्व, पूजा विधि व सुख-समृद्धि पाने के आसान उपाय।

Published July 2, 2026
Share
4 Min Read

प्रदोष व्रत कथा: भगवान शिव की कृपा पाने का पावन अवसर

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है जो संकटों का नाश करके भक्तों को सुख-समृद्धि प्रदान करता है। प्रदोष काल में इस व्रत कथा को पढ़ने या सुनने से अद्भुत फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस पावन व्रत की पूजन विधि, महत्व और मनोहारी कथा।

Contents
प्रदोष व्रत कथा: भगवान शिव की कृपा पाने का पावन अवसरप्रदोष व्रत का महत्वप्रदोष व्रत पूजन विधिप्रदोष व्रत कथाकथा का दूसरा प्रसंगप्रदोष व्रत के विशेष मंत्रप्रदोष व्रत के प्रकारप्रदोष व्रत का पारणनिष्कर्ष

प्रदोष व्रत का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष काल त्रयोदशी तिथि के सूर्यास्त के बाद के 2 घंटे 24 मिनट का समय होता है। इस दौरान भगवान शिव की आराधना करने से:

  • कुंडली के सभी दोष दूर होते हैं
  • धन-धान्य में वृद्धि होती है
  • संतान सुख की प्राप्ति होती है
  • आयु और स्वास्थ्य लाभ मिलता है

प्रदोष व्रत पूजन विधि

इस व्रत को करने के लिए निम्न विधि अपनाएं:

  • सुबह: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
  • संकल्प: “मैं भगवान शिव की कृपा पाने हेतु प्रदोष व्रत करूंगा/करूंगी”
  • दिनभर: फलाहार या जल ग्रहण कर व्रत रखें
  • शाम: स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  • पूजा: शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा चढ़ाएं
  • आरती: “ॐ जय शिव ओंकारा” आरती करें
  • कथा: प्रदोष व्रत कथा का श्रवण या पाठ करें

प्रदोष व्रत कथा

प्राचीन काल में एक गरीब ब्राह्मण दंपति रहते थे। वे निसंतान थे और दुखी रहते थे। एक दिन ब्राह्मणी ने अपने पति से कहा – “प्रभु, हमें संतान सुख नहीं मिल रहा। आप किसी उपाय की खोज करें।”

ब्राह्मण एक ऋषि के पास गया। ऋषि ने बताया – “त्रयोदशी के दिन प्रदोष काल में शिवजी की पूजा करो और यह व्रत कथा सुनो।”

ब्राह्मण ने ऋषि के बताए अनुसार व्रत रखा और कथा सुनी। कुछ समय बाद उसकी पत्नी गर्भवती हुई और उन्हें एक सुंदर पुत्र की प्राप्ति हुई।

कथा का दूसरा प्रसंग

एक अन्य कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को पीकर भगवान शिव ने प्रदोष काल में ही विष का प्रभाव कम किया था। इसीलिए इस समय की गई शिव आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है।

प्रदोष व्रत के विशेष मंत्र

इस व्रत में निम्न मंत्रों का जाप करना चाहिए:

  • महामृत्युंजय मंत्र: “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्”
  • शिव पंचाक्षरी मंत्र: “ॐ नमः शिवाय”
  • प्रदोष मंत्र: “ॐ प्रदोषाय नमः”

प्रदोष व्रत के प्रकार

वार के अनुसार प्रदोष व्रत के अलग-अलग फल मिलते हैं:

  • सोमवार: मनोकामना पूर्ति
  • मंगलवार: शत्रु नाश
  • बुधवार: बुद्धि वर्धन
  • गुरुवार: संतान प्राप्ति

प्रदोष व्रत का पारण

व्रत के अगले दिन सुबह स्नान करके निम्न क्रिया करें:

  • शिव मंदिर में जाकर जल चढ़ाएं
  • ब्राह्मण को भोजन कराएं
  • गरीबों को दान दें
  • फिर स्वयं भोजन ग्रहण करें

निष्कर्ष

प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने का सरल उपाय है। इस कथा को प्रदोष काल में पढ़ने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह व्रत घर में सुख-शांति लाता है और संकटों को दूर करता है। हर त्रयोदशी को इस व्रत का पालन करके भक्त भोलेनाथ की असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

ॐ नमः शिवाय!

You Might Also Like

Religion: अध्यात्म के बिना मानव जीवन अधूरा

Navratri Day 3 Chandraghanta Devi Puja Ka Rahasya

Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti Lyrics जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति

Ganga Saptami 2025 मां गंगा स्तोत्रम पाठ से पाप मुक्ति

Shabari Jayanti 2025: शबरी ने पशु बलि के खिलाफ बड़ा कदम उठाया

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

July 2, 2026

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

July 2, 2026

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?