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Kaal Bhairav Ashtami 2025: काल भैरव जयंती आज जानिए प्रिय भोग

काल भैरव अष्टमी 2025 की पूरी जानकारी: जानिए काल भैरव का प्रिय भोग, पूजा विधि और महत्व। इस विशेष दिन पर आशीर्वाद पाने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल।

Published July 2, 2026
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6 Min Read

Kaal Bhairav Ashtami 2025: काल भैरव जयंती का पावन पर्व

आज का दिन भगवान काल भैरव की जयंती के रूप में पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। काल भैरव भगवान शिव के रौद्र अवतार माने जाते हैं जो समय के स्वामी और कर्मफल के दाता हैं। इस लेख में जानिए काल भैरव जयंती का महत्व, पूजा विधि और उनके प्रिय भोग के बारे में विस्तार से।

Contents
Kaal Bhairav Ashtami 2025: काल भैरव जयंती का पावन पर्वकाल भैरव जयंती का धार्मिक महत्वकाल भैरव पूजा विधिपूजा सामग्रीपूजा विधि के चरणकाल भैरव का प्रिय भोगमुख्य भोग सामग्रीविशेष भोग व्यंजनकाल भैरव मंत्र और आरतीप्रमुख मंत्रकाल भैरव आरतीकाल भैरव जयंती के विशेष उपायसंदेश और समापन

काल भैरव जयंती का धार्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार, काल भैरव की उत्पत्ति भगवान शिव के क्रोध से हुई थी। यह दिन भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है क्योंकि:

  • काल का नियंत्रण: काल भैरव समय के देवता माने जाते हैं, इनकी पूजा से व्यक्ति को काल के भय से मुक्ति मिलती है
  • कर्मफल का दाता: यह मान्यता है कि काल भैरव भक्तों के कर्मों का सही फल देते हैं
  • न्याय के देवता: इन्हें धर्म के रक्षक और न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है
  • अष्टमी का संयोग: कृष्ण पक्ष की अष्टमी को शिव तत्व सर्वाधिक सक्रिय होता है

काल भैरव पूजा विधि

काल भैरव जयंती पर विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। यहां बताई जा रही है सरल पूजा विधि:

पूजा सामग्री

  • काल भैरव की मूर्ति या चित्र
  • लाल या काला वस्त्र
  • सिंदूर, चंदन, धूप, दीप
  • उड़द की दाल और सरसों का तेल
  • फूल, बेलपत्र, धतूरा
  • भोग के लिए विशेष सामग्री (आगे विस्तार से बताया गया है)

पूजा विधि के चरण

  1. सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  2. पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें
  3. लाल या काले रंग के आसन पर काल भैरव की प्रतिमा स्थापित करें
  4. सिंदूर से तिलक करें और फूल अर्पित करें
  5. धूप-दीप जलाकर विशेष मंत्रों का जाप करें
  6. भोग अर्पित करें और आरती उतारें
  7. उड़द की दाल और सरसों के तेल का दान करें

काल भैरव का प्रिय भोग

काल भैरव को भोग लगाने का विशेष महत्व है। शास्त्रों में बताया गया है कि इन्हें कौन-कौन से भोग प्रिय हैं:

मुख्य भोग सामग्री

  • उड़द की दाल: काली उड़द की दाल का भोग सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है
  • सरसों का तेल: दीपक में सरसों के तेल का प्रयोग विशेष फलदायी होता है
  • धतूरा: धतूरे के फूल और फल काल भैरव को अत्यंत प्रिय हैं
  • मदिरा: कुछ परंपराओं में मदिरा अर्पित करने का भी विधान है
  • नारियल: साबुत नारियल चढ़ाने से विशेष लाभ मिलता है

विशेष भोग व्यंजन

इस दिन विशेष रूप से तैयार किए जाने वाले भोग में शामिल हैं:

  • उड़द दाल के पकौड़े
  • तिल और गुड़ के लड्डू
  • मावे की बर्फी
  • केले की मिठाई
  • मीठे चावल (खीर)

काल भैरव मंत्र और आरती

काल भैरव जयंती पर इन मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना जाता है:

प्रमुख मंत्र

  • मूल मंत्र: “ॐ भैरवाय नमः”
  • बीज मंत्र: “ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ नमः शिवाय”
  • कवच मंत्र: “अस्य श्री कालभैरव कवचस्य। ब्रह्मा ऋषिः। गायत्री छन्दः। श्री कालभैरव देवता। ह्रीं बीजम्। श्रीं शक्तिः। क्रौं कीलकम्। मम सर्वाभीष्ट सिद्धये जपे विनियोगः॥”

काल भैरव आरती

पूजा के अंत में यह आरती गाई जाती है:

“जय काल भैरव देवा, जय काल भैरव देवा
भक्तजनों के दुख हरो, जय काल भैरव देवा॥

काशी के कोतवाल तुम, धर्म के रखवाले
पापियों को दंड देते, भक्तों के पाले॥

श्वान वाहन सोहे तुम्हारे, टेर सुनो हे नाथ
भक्ति भाव से आरती, करें सब संग साथ॥”

काल भैरव जयंती के विशेष उपाय

इस पावन दिन पर कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं:

  • काल भैरव मंदिर में तेल दान: सरसों के तेल का दान करने से आयु में वृद्धि होती है
  • कुत्तों को भोजन: कुत्तों को मीठी रोटी खिलाने से काल भैरव प्रसन्न होते हैं
  • उड़द दाल का दान: काले उड़द की दाल दान करने से धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं
  • रात्रि जागरण: रात में जागकर “ॐ भैरवाय नमः” मंत्र का जाप करने से भय दूर होता है

संदेश और समापन

काल भैरव जयंती का यह पावन पर्व हमें यह संदेश देता है कि समय सबसे बलवान है और कर्मफल अवश्य मिलता है। भगवान काल भैरव की कृपा पाने के लिए निष्कपट भाव से पूजा करें और उनके बताए मार्ग पर चलें। इस दिन उड़द दाल, सरसों तेल और धतूरे का विशेष महत्व है जो काल भैरव को अत्यंत प्रिय हैं।

आशा है यह लेख आपके लिए ज्ञानवर्धक रहा होगा। काल भैरव जी की कृपा से आपके सभी कष्ट दूर हों और जीवन में सुख-समृद्धि आए। ॐ कालभैरवाय नमः।

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