हनुमानजी की आरती: मंगलवार को करने से पूरी होती हैं सभी मनोकामनाएं
हिंदू धर्म में भगवान हनुमानजी को शक्ति, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। मंगलवार का दिन हनुमानजी को समर्पित होता है और इस दिन उनकी आरती करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस लेख में हम हनुमानजी की आरती का महत्व, विधि और इसके लाभों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
हनुमानजी की आरती का महत्व
हनुमानजी की आरती एक पावन भक्ति गीत है जिसे उनकी स्तुति और आराधना के लिए गाया जाता है। यह आरती न केवल मन को शांति प्रदान करती है बल्कि जीवन की बाधाओं को दूर करने में भी सहायक होती है।
क्यों मंगलवार को विशेष है हनुमान आरती?
- मंगलवार हनुमानजी का दिन माना जाता है।
- इस दिन आरती करने से कुंडली के दोष दूर होते हैं।
- भक्तों को शक्ति, साहस और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है।
- संकटों से मुक्ति और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
हनुमानजी की आरती की विधि
हनुमानजी की आरती करने की सही विधि जानने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
सामग्री
- हनुमानजी की मूर्ति या चित्र
- लाल चंदन, फूल और अक्षत
- दीपक (घी या तेल का)
- कपूर और धूप
- प्रसाद (बेसन के लड्डू या गुड़-चना)
विधि
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- हनुमानजी के मंदिर या पूजा स्थल को साफ करके उनकी मूर्ति स्थापित करें।
- लाल चंदन का तिलक लगाएं और फूल चढ़ाएं।
- दीपक जलाकर धूप-दीप दिखाएं।
- हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
- आरती करते समय पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव रखें।
हनुमानजी की आरती (पूर्ण पाठ)
यहां हनुमानजी की प्रसिद्ध आरती का पाठ दिया जा रहा है:
आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
जाके बल से गिरिवर कांपे, रोग दोष जाके निकट न झांपे॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई, संतन के प्रभु सदा सहाई॥
आरती के पश्चात हनुमानजी को प्रसाद अर्पित करें और भक्तों में वितरित करें।
हनुमान आरती के लाभ
नियमित रूप से हनुमानजी की आरती करने से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं:
- भय मुक्ति: सभी प्रकार के भय और चिंताओं से मुक्ति मिलती है।
- रोग नाश: गंभीर रोगों में भी राहत मिलती है।
- शत्रु बाधा: शत्रुओं और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा प्राप्त होती है।
- कार्य सिद्धि: कठिन कार्यों में सफलता मिलती है।
- आत्मिक शांति: मन को शांति और आनंद की प्राप्ति होती है।
विशेष सावधानियां
हनुमानजी की आरती करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
- आरती हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करें।
- मंगलवार को लाल वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।
- आरती के समय मन में किसी प्रकार का द्वेष या नकारात्मक विचार न लाएं।
- मांस-मदिरा आदि तामसिक पदार्थों का सेवन न करें।
निष्कर्ष
हनुमानजी की आरती एक सरल परंतु अत्यंत प्रभावशाली साधना है जो भक्तों को जीवन के हर संकट से उबारने की शक्ति प्रदान करती है। मंगलवार के दिन विशेष रूप से की गई आरती से भक्त को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक लाभ प्राप्त होते हैं। हनुमानजी सच्चे मन से की गई प्रार्थना को अवश्य सुनते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं।
आइए, हम सभी मंगलवार के पावन दिन हनुमानजी की आरती करें और उनकी कृपा से अपने जीवन को सुखमय एवं समृद्ध बनाएं।
