रमजान 2025: आज से शुरू हुआ पाक महीना, जानें सहरी और इफ्तार का सही समय
आज से मुसलमान भाइयों के लिए पवित्र महीना रमजान शुरू हो गया है। यह महीना इबादत, रोजे और दुआओं का होता है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान का नौवां महीना सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान रोजेदार सूर्योदय से सूर्यास्त तक बिना कुछ खाए-पिए रहते हैं। आइए, जानते हैं इस पाक महीने की खास बातें और आपके शहर के हिसाब से सहरी व इफ्तार का सही समय।
रमजान का महत्व और फजीलत
रमजान को अल्लाह का महीना कहा जाता है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, इसी महीने में पवित्र कुरान का अवतरण हुआ था। हदीस में बताया गया है कि रमजान में की गई इबादत का सवाब 70 गुना अधिक मिलता है।
- रोजा इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है
- इस महीने में जकात देना विशेष फलदायी माना जाता है
- रमजान की आखिरी 10 रातों में लैलतुल कद्र (शब-ए-कद्र) आती है
रमजान 2025 की तारीखें और समय
इस साल रमजान का महीना 28 फरवरी 2025 से शुरू हो रहा है। चांद दिखने के आधार पर रमजान की शुरुआत होती है, इसलिए कुछ क्षेत्रों में यह 1 मार्च से भी शुरू हो सकता है। रमजान का पवित्र महीना 29 या 30 दिनों तक चलता है, जिसके बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है।
प्रमुख शहरों के लिए सहरी और इफ्तार का समय
रोजे के दौरान सहरी (सुबह का भोजन) और इफ्तार (शाम का भोजन) का विशेष महत्व होता है। नीचे कुछ प्रमुख शहरों के लिए अनुमानित समय दिया गया है:
- दिल्ली: सहरी – 5:15 AM, इफ्तार – 6:30 PM
- मुंबई: सहरी – 5:30 AM, इफ्तार – 6:45 PM
- लखनऊ: सहरी – 5:05 AM, इफ्तार – 6:20 PM
- हैदराबाद: सहरी – 5:20 AM, इफ्तार – 6:35 PM
- कोलकाता: सहरी – 4:50 AM, इफ्तार – 6:05 PM
ध्यान रखें कि यह समय स्थान और चांद के दिखने पर निर्भर करता है। अपने स्थानीय मस्जिद या इस्लामिक केंद्र से सही समय की पुष्टि अवश्य करें।
रोजे की तैयारी और सेहतमंद तरीके
लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने के लिए शरीर को तैयार करना जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार:
- सहरी में प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन लें
- पानी की कमी से बचने के लिए इफ्तार और सहरी के बीच 8-10 गिलास पानी पिएं
- तेल और मसालेदार भोजन से परहेज करें
- रोजे के दौरान भारी शारीरिक श्रम से बचें
रमजान के दौरान की जाने वाली खास इबादतें
इस पवित्र महीने में कुछ विशेष इबादतों का विशेष महत्व है:
- तरावीह: रात की विशेष नमाज जो केवल रमजान में पढ़ी जाती है
- इतिकाफ: आखिरी 10 दिनों में मस्जिद में बैठकर इबादत करना
- दुआएं: इफ्तार के समय की गई दुआ जल्द कबूल होती है
- सदका: गरीबों को दान देना इस महीने में विशेष पुण्यदायी
रमजान के बाद ईद-उल-फितर की तैयारी
रमजान के पूरे होने पर ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन विशेष नमाज पढ़ी जाती है और लोग एक-दूसरे को गले मिलकर ईद मुबारक कहते हैं। ईद से पहले फितरा (एक प्रकार का दान) दिया जाता है ताकि गरीब भी ईद का जश्न मना सकें।
निष्कर्ष
रमजान का पवित्र महीना आत्मशुद्धि, इबादत और दान-पुण्य का समय होता है। यह महीना हमें संयम, सहनशीलता और दूसरों की मदद करने की प्रेरणा देता है। आप सभी को रमजान मुबारक और आपके रोजे व इबादत कुबूल हो। अपने शहर के सहरी व इफ्तार के सही समय के लिए स्थानीय मस्जिद से संपर्क करें या विश्वसनीय इस्लामिक वेबसाइट्स देखें।
