अचला सप्तमी, जिसे सूर्य सप्तमी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में एक विशेष व्रत और पूजा का दिन है। यह तिथि माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाई जाती है। इस दिन सूर्य देव की आराधना करने से व्यक्ति को मान-सम्मान, धन-संपत्ति और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।
पौराणिक कथा
पुराणों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब को कुष्ठ रोग हो गया था। उन्होंने सूर्य देव की तपस्या की और इसी दिन सूर्य देव ने प्रसन्न होकर उन्हें रोगमुक्त किया। तभी से अचला सप्तमी का व्रत मनाया जाता है।
अचला सप्तमी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
- तिथि: 5 फरवरी 2025 (बुधवार)
- सप्तमी तिथि प्रारंभ: 04 फरवरी 2025 को रात 10:15 बजे
- सप्तमी तिथि समाप्त: 05 फरवरी 2025 को रात 08:30 बजे
- सूर्योदय: सुबह 07:05 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:15 बजे
अचला सप्तमी पर करने योग्य उपाय
1. सूर्योदय के समय जल अर्पण
सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। फिर तांबे के लोटे में जल लेकर सूर्य देव को अर्पण करें। इस मंत्र का उच्चारण करें:
“ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य: शक्तिमान् यशस्विन्।
नमस्ते रवे सर्वेश प्रसीद मम भक्तित:”॥
2. लाल वस्त्र और फूल चढ़ाएं
सूर्य देव को लाल रंग अत्यंत प्रिय है। अतः उन्हें लाल फूल, लाल वस्त्र और गुड़ का भोग लगाएं। इससे धन और यश की प्राप्ति होती है।
3. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ
इस दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है। यह स्तोत्र रामायण में भगवान राम को अगस्त्य मुनि ने सुनाया था।
4. गुड़ और तिल का दान
- गुड़ और काले तिल का दान करें।
- इससे पितृ दोष शांत होता है और धन लाभ होता है।
5. अर्घ्य देते समय ये मंत्र बोलें
“ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणाय मनोवांछित फलं देहि देहि स्वाहा।”
अचला सप्तमी व्रत विधि
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
- स्वच्छ वस्त्र धारण करके सूर्य देव की पूजा करें।
- लाल आसन पर सूर्य यंत्र स्थापित करें।
- धूप, दीप, फल और मिष्ठान्न अर्पित करें।
- दिन भर उपवास रखें और सूर्यास्त के बाद फलाहार करें।
सूर्य देव की कृपा पाने के लिए विशेष मंत्र
इन मंत्रों का जप करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं:
- सूर्य गायत्री मंत्र: “ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्न: सूर्य: प्रचोदयात्॥”
- सूर्य बीज मंत्र: “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:॥”
अचला सप्तमी पर विशेष सावधानियां
- इस दिन किसी का अपमान न करें।
- झूठ बोलने से बचें।
- क्रोध न करें, शांत रहें।
- दान-पुण्य अवश्य करें।
निष्कर्ष
अचला सप्तमी का व्रत और पूजा करने से सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से धन, यश और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। अतः इस पावन अवसर पर सूर्य देव की आराधना अवश्य करें।
सूर्य देव आप सभी को सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य प्रदान करें! ॐ सूर्याय नम:॥
