MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: अक्षय नवमी आज जानिए महत्व कथा और उपाय
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

अक्षय नवमी आज जानिए महत्व कथा और उपाय

अक्षय नवमी आज जानिए अमला नवमी का महत्व कथा और उपाय इस पावन तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है

Published July 2, 2026
Share
4 Min Read

हिंदू धर्म में अक्षय नवमी का विशेष महत्व है। यह तिथि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाई जाती है। इस दिन को अमला नवमी भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन आंवला (अमला) वृक्ष की पूजा की जाती है। यह पर्व भक्तों के लिए मोक्ष, स्वास्थ्य और समृद्धि का द्वार खोलता है। आइए, जानते हैं इस पावन तिथि का महत्व, पौराणिक कथा और विशेष उपाय।

Contents
अक्षय नवमी को अमला नवमी क्यों कहते हैं?अक्षय नवमी का धार्मिक महत्वपौराणिक कथा: अमला नवमी की उत्पत्तिअक्षय नवमी के शुभ उपाय1. आंवले के वृक्ष की पूजा2. दान का महत्व3. अमला एकादशी व्रत का संकल्पआंवले के सेवन का लाभनिष्कर्ष: अमृत फल की महिमा

अक्षय नवमी को अमला नवमी क्यों कहते हैं?

अक्षय नवमी और अमला नवमी दोनों नामों का संबंध इस दिन के विशेष महत्व से है:

  • अक्षय नवमी: ‘अक्षय’ का अर्थ है ‘जो कभी नष्ट न हो’। इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल भक्तों को अनंत काल तक मिलता है।
  • अमला नवमी: इस दिन आंवला वृक्ष की पूजा की जाती है। मान्यता है कि आंवले में भगवान विष्णु का निवास होता है, इसलिए इसे ‘अमृत फल’ भी कहा जाता है।

अक्षय नवमी का धार्मिक महत्व

शास्त्रों में अक्षय नवमी को मोक्ष प्रदायिनी तिथि माना गया है। इस दिन:

  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
  • आंवले के वृक्ष की पूजा से आयु, स्वास्थ्य और धन की प्राप्ति होती है।
  • पितृ तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

पौराणिक कथा: अमला नवमी की उत्पत्ति

स्कंद पुराण में एक कथा मिलती है कि एक बार देवर्षि नारद ने भगवान विष्णु से पूछा: “प्रभु, धरती पर सबसे पवित्र वृक्ष कौन-सा है?” तब भगवान विष्णु ने कहा: “हे नारद, आंवले का वृक्ष सबसे पवित्र है। इसमें मैं स्वयं निवास करता हूँ। जो भक्त कार्तिक शुक्ल नवमी को इसकी पूजा करेगा, उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी।”

एक अन्य कथा के अनुसार, महर्षि च्यवन ने आंवले के प्रयोग से ही अपनी युवावस्था वापस पाई थी। इसीलिए आंवले को जीवनदायिनी माना जाता है।

अक्षय नवमी के शुभ उपाय

इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है:

1. आंवले के वृक्ष की पूजा

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • आंवले के वृक्ष के नीचे गंगाजल, दूध, फूल और अक्षत अर्पित करें।
  • इस मंत्र का जाप करें:

    “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः, अमृतफलाय नमः।”

2. दान का महत्व

इस दिन आंवला, वस्त्र, अनाज या दक्षिणा दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से:

  • गरीबों को भोजन कराएं।
  • ब्राह्मणों को पीले वस्त्र दान दें।

3. अमला एकादशी व्रत का संकल्प

जो भक्त अक्षय नवमी के बाद आने वाली अमला एकादशी का व्रत रखने का संकल्प लेते हैं, उन्हें विशेष फल प्राप्त होता है।

आंवले के सेवन का लाभ

इस दिन आंवले का सेवन करने से शारीरिक और आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं:

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  • पाचन तंत्र मजबूत होता है।
  • मन की शुद्धि होती है।

निष्कर्ष: अमृत फल की महिमा

अक्षय नवमी हमें प्रकृति और ईश्वर के प्रति कृतज्ञता सिखाती है। आंवला न केवल एक फल है, बल्कि अमृत का प्रतीक है। इस पावन दिन भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना करें और धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करें।

ॐ नमो नारायणाय।

You Might Also Like

Religion: अध्यात्म के बिना मानव जीवन अधूरा

Navratri Day 3 Chandraghanta Devi Puja Ka Rahasya

Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti Lyrics जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति

Ganga Saptami 2025 मां गंगा स्तोत्रम पाठ से पाप मुक्ति

Shabari Jayanti 2025: शबरी ने पशु बलि के खिलाफ बड़ा कदम उठाया

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या महत्व कथा शुभ मुहूर्त

July 2, 2026

कालरात्रि और मां काली में समानता क्या है? | Similarity Between Kalaratri and Maa Kali

July 2, 2026

Pitru Paksha 2025: पंडित न हो तो पिंडदान कैसे करें? जानें नियम

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?