हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। “अक्षय” शब्द का अर्थ है जो कभी क्षय न हो, यानी अनंत। इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल भी अक्षय होता है। 2025 में यह पर्व 14 मई, बुधवार को मनाया जाएगा।
शुभ मुहूर्त
- तृतीया तिथि प्रारंभ: 13 मई 2025, रात 11:14 बजे से
- तृतीया तिथि समाप्त: 14 मई 2025, रात 10:52 बजे तक
- पूजा का श्रेष्ठ समय: सुबह 5:30 बजे से 12:15 बजे तक
अक्षय तृतीया की पौराणिक कथा
पुराणों के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम का जन्म हुआ था। साथ ही, महर्षि वेदव्यास ने इसी दिन महाभारत का लेखन प्रारंभ किया था। एक अन्य कथा के अनुसार, दानवीर कुबेर को इसी दिन देवी लक्ष्मी की कृपा से अक्षय धन की प्राप्ति हुई थी।
राशि अनुसार शुभ खरीदारी
अक्षय तृतीया पर राशि के अनुसार विशेष वस्तुएं खरीदने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। आइए जानते हैं कि किस राशि के जातकों को क्या खरीदना चाहिए:
मेष (Aries)
- सोने या तांबे के बर्तन
- लाल रंग का वस्त्र या गुलाबी कपड़ा
- गेहूं या चना दान करें
वृषभ (Taurus)
- चांदी के आभूषण या सफेद वस्त्र
- सफेद फूलों की माला
- दूध या दही का दान
मिथुन (Gemini)
- हरे रंग का कपड़ा या पुस्तकें
- हरा मूंगा या पन्ना धारण करें
- हरी मूंग दान करें
कर्क (Cancer)
- चांदी के सिक्के या मोती
- सफेद चंदन
- चावल का दान
सिंह (Leo)
- सोने की अंगूठी या पीला वस्त्र
- गुड़ या बेसन का दान
- सूर्य को जल अर्पित करें
कन्या (Virgo)
- हरे रंग का कपड़ा या पन्ना
- हरी सब्जियों का दान
- पुस्तकें खरीदें
तुला (Libra)
- गुलाबी या सफेद रंग का वस्त्र
- सुगंधित इत्र या फूल
- मिष्ठान्न का दान
वृश्चिक (Scorpio)
- लाल मूंगा या लाल कपड़ा
- मसाले या गुड़ खरीदें
- तिल का दान करें
धनु (Sagittarius)
- पीला वस्त्र या हल्दी
- केसर या गुड़ खरीदें
- चने की दाल दान करें
मकर (Capricorn)
- नीले या काले रंग का कपड़ा
- लोहे का सामान खरीदें
- उड़द की दाल दान करें
कुंभ (Aquarius)
- नीला कपड़ा या नीलम
- शीशे का सामान
- तिल का तेल दान करें
मीन (Pisces)
- पीला या सफेद कपड़ा
- मोती या चंदन
- खीर या मिष्ठान्न दान करें
अक्षय तृतीया पर विशेष पूजा विधि
सुबह की शुरुआत
प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और एक स्वस्तिक बनाएं।
पूजा सामग्री
- लक्ष्मी-नारायण की मूर्ति या तस्वीर
- फूल, फल, धूप, दीप
- कुमकुम, हल्दी, चावल
- सुपारी, लौंग, इलायची
मंत्र जाप
इस मंत्र का 108 बार जाप करें:
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ नमः॥”
आरती
पूजा के अंत में लक्ष्मी जी की आरती करें:
“ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥”
अक्षय तृतीया पर क्या करें और क्या न करें
क्या करें
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें
- गरीबों को अन्न, वस्त्र या धन दान दें
- सोना, चांदी या नए बर्तन खरीदें
- पीपल के पेड़ की पूजा करें
क्या न करें
- किसी को भी दुःख न दें
- झूठ न बोलें
- क्रोध या ईर्ष्या से बचें
- शाम के समय सोना न खरीदें
अक्षय तृतीया का पावन पर्व हमें यह संदेश देता है कि दान, पूजा और सद्कर्मों से जीवन में अनंत सुख-समृद्धि आती है। इस दिन अपनी राशि के अनुसार शुभ वस्तुएं खरीदकर और भगवान विष्णु की आराधना करके जीवन को धन-धान्य से भर सकते हैं। माँ लक्ष्मी की कृपा सभी पर बनी रहे, यही कामना है।
शुभ अक्षय तृतीया!
