सावन का पावन महीना और शिवजी की कृपा
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस पावन मास में शिवजी की आराधना करने से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। शिवपुराण के अनुसार, सावन में शिव मंत्रों का जाप करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इस लेख में हम आपको शिवजी के कुछ महामंत्रों के बारे में बताएंगे, जिनका जाप करके आप भी अपने मनोरथ सिद्ध कर सकते हैं।
शिव मंत्रों का महत्व
शिव मंत्र सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्रभावशाली हैं। इन मंत्रों की ध्वनि तरंगें मन को शांत करती हैं और आत्मिक शक्ति बढ़ाती हैं। ॐ नमः शिवाय जैसे मंत्रों का उच्चारण करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।
क्यों सावन में शिव मंत्र जाप विशेष फलदायी है?
- धार्मिक मान्यता: सावन में शिवजी ने समुद्र मंथन से निकले विष का पान किया था, इसलिए इस माह में उनकी पूजा का विशेष महत्व है।
- प्राकृतिक ऊर्जा: इस मौसम में वातावरण में आध्यात्मिक तरंगें अधिक सक्रिय होती हैं।
- वैज्ञानिक पहलू: वर्षा ऋतु में मंत्र जाप से मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ती है।
सावन में जपने वाले शिव महामंत्र
1. महामृत्युंजय मंत्र
मंत्र:
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
अर्थ: “हम तीन नेत्रों वाले भगवान शिव की पूजा करते हैं, जो सुगंधित हैं और सभी का पालन-पोषण करते हैं। हे प्रभु, हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करके अमरता प्रदान करें।”
लाभ:
- आयु में वृद्धि
- रोगों से मुक्ति
- भय और संकटों का नाश
2. पंचाक्षर मंत्र – ॐ नमः शिवाय
मंत्र: ॐ नमः शिवाय
अर्थ: “मैं शिवजी को नमन करता हूँ।”
लाभ:
- मन की शांति
- कर्मों का शुद्धिकरण
- आध्यात्मिक उन्नति
3. शिव गायत्री मंत्र
मंत्र:
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे
महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
अर्थ: “हम परम पुरुष शिव को जानते हैं, महादेव का ध्यान करते हैं। वह रुद्र हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।”
लाभ:
- ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि
- आत्मविश्वास बढ़ता है
- निर्णय लेने की क्षमता में सुधार
सावन में मंत्र जाप की सही विधि
मंत्र जाप का पूरा फल पाने के लिए सही विधि का पालन करना आवश्यक है।
कैसे करें मंत्र जाप?
- समय: प्रातः ब्रह्म मुहूर्त (4-6 बजे) या सायंकाल (संध्या समय)।
- स्थान: शुद्ध और शांत वातावरण, अगर संभव हो तो मंदिर में बैठकर।
- आसन: कुशा या ऊनी आसन पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- माला: रुद्राक्ष या तुलसी की माला का प्रयोग करें।
मंत्र जाप के नियम
- जाप से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- शिवलिंग या शिवजी की प्रतिमा के सामने बैठकर जाप करें।
- मंत्र का उच्चारण स्पष्ट और शुद्ध होना चाहिए।
- मन में शिवजी का ध्यान करते हुए जाप करें।
सावन में शिव मंत्र जाप से जुड़ी कुछ विशेष बातें
क्या खाएं, क्या न खाएं?
- सात्विक आहार: फल, दूध, घी, मेवे आदि का सेवन करें।
- परहेज: मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज से दूर रहें।
सावन सोमवार व्रत का महत्व
सावन के सोमवार को व्रत रखने और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करने से विशेष लाभ मिलता है। इस दिन शिवजी को बेलपत्र, धतूरा और दूध चढ़ाने से वे प्रसन्न होते हैं।
शिव कृपा पाने का सर्वोत्तम समय
सावन का महीना भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे उत्तम समय है। इस पावन मास में यदि आप नियमित रूप से शिव मंत्रों का जाप करेंगे, तो निश्चित ही आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। शिवजी भोले हैं, वे थोड़ी सी भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते हैं। इसलिए इस सावन में अपने मन को शुद्ध करके शिव आराधना में लगाएं और उनकी असीम कृपा का अनुभव करें।
हर हर महादेव!

