दिवाली का पावन पर्व हमारे जीवन में धन, समृद्धि और सुख-शांति लेकर आता है। इस दिन माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधिवत पूजा की जाती है, जिसमें आरती का विशेष स्थान होता है। आरती न केवल भक्ति भाव को बढ़ाती है, बल्कि देवी-देवताओं का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
इस लेख में, हम दिवाली पूजा के लिए सबसे पवित्र आरतियों का संग्रह प्रस्तुत कर रहे हैं, जिनके बिना लक्ष्मी-गणेश पूजा अधूरी मानी जाती है।
1. श्री लक्ष्मी जी की आरती
आरती: “ॐ जय लक्ष्मी माता”
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
चरण:
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
चरण:
दुर्गा रूप निरंजनि, सुख-संपत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
आरती का महत्व
- इस आरती से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य की वर्षा करती हैं।
- दिवाली की रात इस आरती का पाठ करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है।
- इसे पूरे परिवार के साथ मिलकर गाने से सुख-समृद्धि बढ़ती है।
2. श्री गणेश जी की आरती
आरती: “जय गणेश जय गणेश”
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
चरण:
एकदंत दयावंत, चार भुजाधारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूषक वाहन सवारी॥
चरण:
पान चढ़े, फूल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुओं का भोग लगे, सन्त करें सेवा॥
आरती का महत्व
- गणेश जी की आरती से सभी विघ्न दूर होते हैं और नया कार्य सफल होता है।
- दिवाली पूजा में इस आरती का विशेष महत्व है क्योंकि गणेश जी को प्रथम पूज्य माना जाता है।
- इस आरती से व्यापार और नौकरी में सफलता मिलती है।
3. श्री सरस्वती आरती (विद्या की देवी)
आरती: “जय सरस्वती माता”
जय सरस्वती माता, जगत की अम्बे।
शुभ फल देने वाली, ज्ञान प्रकाश कर दे॥
चरण:
सरस्वती ज्ञान की दाता, वीणा कर धारी।
मोक्ष का मार्ग दिखावो, भक्ति का उपदेश दो॥
आरती का महत्व
- यह आरती विद्यार्थियों के लिए विशेष लाभकारी है।
- दिवाली पर इसका पाठ करने से बुद्धि और विवेक बढ़ता है।
- कला और संगीत से जुड़े लोगों को सरस्वती आरती अवश्य गानी चाहिए।
4. श्री कुबेर आरती (धन के देवता)
आरती: “ॐ श्री कुबेराय नमः”
ॐ श्री कुबेराय नमः, धनधान्य प्रदाता।
तुम्हारी कृपा से घर में, रहे सदा सम्पत्ति॥
चरण:
यक्षों के स्वामी तुम, अलक्ष्मी को हरो।
भक्तों को धन दो, दरिद्रता दूर करो॥
आरती का महत्व
- कुबेर आरती से धन की प्राप्ति होती है और आर्थिक संकट दूर होते हैं।
- दिवाली पर इस आरती का पाठ करने से व्यापार में वृद्धि होती है।
5. संकटनाशक हनुमान आरती
आरती: “आरती कीजै हनुमान लला की”
आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
चरण:
जाके बल से गिरिवर कांपे, रोग-दोष जाके निकट न झांके॥
आरती का महत्व
- हनुमान जी की आरती से सभी संकट दूर होते हैं।
- दिवाली पर इसका पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
निष्कर्ष: दिवाली पूजा को पूर्ण बनाएं इन आरतियों के साथ
दिवाली की पावन बेला में इन आरतियों का पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। माँ लक्ष्मी, गणेश जी, सरस्वती माता, कुबेर और हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए इन आरतियों को भक्ति भाव से गाएं।
याद रखें: आरती के समय घी के दीपक जलाएं और पूरे मन से भगवान का ध्यान करें। इससे आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और दिवाली का पर्व पूर्ण आनंद से भर जाएगा।
“आरती की ज्योत से घर का अंधकार दूर होता है और भगवान की कृपा बरसती है।”
इस दिवाली, इन पवित्र आरतियों के साथ अपनी पूजा को पूर्ण करें और माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करें। शुभ दीपावली!
