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Ganesh Ji Ki Aarti: Budhwar Ko Karein Sukh-Samriddhi Ke Liye

प्रत्येक बुधवार को गणेश जी की आरती करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। जानिए गणपति बप्पा की आरती का महत्व, सही विधि और लाभ। शुभकामनाएं पाने के लिए पढ़ें।

Published July 2, 2026
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4 Min Read

गणेश जी की आरती: प्रत्येक बुधवार को जरूर करें, बनी रहेगी सुख-समृद्धि

हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलमूर्ति कहा जाता है। हर शुभ कार्य की शुरुआत में सबसे पहले उनकी पूजा की जाती है। बुधवार का दिन गणपति जी को समर्पित माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से गणेश जी की आरती करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आइए जानते हैं गणेश आरती का महत्व, विधि और इसके लाभ।

Contents
गणेश जी की आरती: प्रत्येक बुधवार को जरूर करें, बनी रहेगी सुख-समृद्धिगणेश आरती का महत्वगणेश आरती की विधिगणेश आरती (संपूर्ण पाठ)आरती के बाद क्या करें?गणेश आरती के अद्भुत लाभ1. मानसिक शांति2. कार्य सिद्धि3. संकटों से रक्षा4. पारिवारिक सुखविशेष टिप्सनिष्कर्ष

गणेश आरती का महत्व

गणेश जी की आरती न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह मन को शांति और ऊर्जा भी प्रदान करती है। बुधवार के दिन आरती करने के कुछ विशेष लाभ हैं:

  • विघ्नों का नाश: गणपति जी की कृपा से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं।
  • धन लाभ: आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
  • सुख-शांति: परिवार में प्रेम और एकता बनी रहती है।
  • सफलता: शिक्षा, व्यवसाय या कोई भी नया कार्य शुरू करने में सफलता मिलती है।

गणेश आरती की विधि

सही विधि से आरती करने पर ही पूर्ण फल की प्राप्ति होती है। यहां है सरल चरण-दर-चरण विधि:

सामग्री तैयार करें

  • गणेश जी की मूर्ति या चित्र
  • रोली, चंदन, फूल और अक्षत
  • दीपक (घी या तेल का)
  • धूप-अगरबत्ती
  • आरती थाली (कुमकुम, चावल, जल से सजी)

आरती का सही समय

बुधवार के दिन सुबह या शाम के समय आरती करना सर्वोत्तम माना जाता है। प्रातःकाल 5-7 बजे या संध्या 6-7 बजे का समय शुभ होता है।

गणेश आरती (संपूर्ण पाठ)

आरती शुरू करने से पहले गणेश जी का ध्यान करें और निम्न मंत्र बोलें:

ॐ गं गणपतये नमः

इसके बाद नीचे दी गई आरती गाएं:

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥

पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतवारी
कामना को पूर्ण करो, जय बलिहारी॥

आरती के बाद क्या करें?

  • आरती पूर्ण होने पर गणेश जी के चरणों में फूल अर्पित करें।
  • प्रसाद के रूप में मोदक या लड्डू का वितरण करें।
  • आरती का जल घर के मुख्य द्वार पर छिड़कें (नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए)।

गणेश आरती के अद्भुत लाभ

1. मानसिक शांति

नियमित आरती करने से मन की अशांति दूर होती है और एकाग्रता बढ़ती है।

2. कार्य सिद्धि

गणेश जी को कर्ता-धर्ता माना जाता है। उनकी आरती से हर कार्य बिना विघ्न के पूरा होता है।

3. संकटों से रक्षा

जीवन के हर संकट में गणपति जी अपने भक्तों की रक्षा करते हैं।

4. पारिवारिक सुख

परिवार के सभी सदस्य एक साथ आरती करें तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

विशेष टिप्स

  • बुधवार को हरा रंग पहनकर आरती करने से विशेष लाभ मिलता है।
  • आरती के समय “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें।
  • गणेश चालीसा या सुंदरकांड का पाठ भी फलदायी होता है।

निष्कर्ष

गणेश जी की आरती एक सरल लेकिन प्रभावशाली साधना है जो जीवन के हर पहलू में सफलता दिलाती है। बुधवार के दिन नियमित रूप से आरती करने से भक्त को गणपति जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। याद रखें, श्रद्धा और विश्वास से की गई आरती ही सच्चे मन से स्वीकार होती है। हर बुधवार गणेश आरती का संकल्प लें और अपने जीवन को धन-धान्य से भर दें।

गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया!

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