कहानियाँ हमेशा से ही मनुष्य के जीवन का अहम हिस्सा रही हैं। इनमें छुपे संदेश हमें जीवन का सही मार्ग दिखाते हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही अद्भुत कथा सुनाने जा रहे हैं, जो भगवान की महिमा और भक्ति की शक्ति को दर्शाती है। यह कहानी एक घोड़ी और उस पर मोहित हुए व्यक्ति की है, जिसके बाद जो हुआ, वह सुनकर आप हैरान रह जाएंगे।
एक राजा की अद्भुत कथा
प्राचीन काल में एक राजा थे, जिन्हें घोड़ों से विशेष लगाव था। एक दिन उन्हें एक दिव्य घोड़ी मिली, जिसका सौंदर्य अद्वितीय था। राजा उस पर इतने मोहित हो गए कि उन्होंने अपने सारे राजकाज को भूलकर उसी के साथ समय बिताना शुरू कर दिया।
भक्ति से विमुख होने का परिणाम
धीरे-धीरे राजा का मन भगवान की भक्ति से हटकर सांसारिक मोह में फँस गया। उनके गुरु ने चेतावनी दी:
“यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥”
(भगवद् गीता 4.7)
अर्थात, जब-जब धर्म का नाश होता है, तब-तब भगवान स्वयं अवतार लेते हैं। लेकिन राजा ने गुरु की बात नहीं सुनी और अपने मोह में डूबे रहे।
घोड़ी का रहस्य
एक रात, राजा ने स्वप्न देखा कि वह घोड़ी उनसे बोली:
- “मैं तुम्हारी परीक्षा लेने आई थी।”
- “तुम मोह में फँस गए और भक्ति भूल गए।”
- “अब समय आ गया है कि तुम जागो।”
यह सुनकर राजा की नींद टूट गई। उन्होंने देखा कि घोड़ी का शरीर दिव्य प्रकाश से जगमगा रहा है और वह धीरे-धीरे आकाश में विलीन हो रही है।
राजा का जीवन बदल गया
इस घटना के बाद राजा को ज्ञान प्राप्त हुआ। उन्होंने समझ लिया कि भगवान ने उनकी परीक्षा लेने के लिए यह लीला रची थी। वे फिर से भक्ति में लीन हो गए और अपने राज्य का संचालन धर्म के अनुसार करने लगे।
इस कथा से सीख
इस कहानी से हमें तीन मुख्य शिक्षाएँ मिलती हैं:
- मोह माया से सावधान रहें: सांसारिक वस्तुओं से लगाव हमें भक्ति से दूर कर सकता है।
- भगवान की लीला अपरंपार है: वे किसी भी रूप में प्रकट होकर हमारी परीक्षा ले सकते हैं।
- सच्ची भक्ति ही मोक्ष का मार्ग है: जब तक मनुष्य भगवान में विश्वास रखता है, वह उसकी रक्षा करते हैं।
आध्यात्मिक संदेश
इस कथा का गहरा आध्यात्मिक संदेश यह है कि भगवान हमेशा हमारे साथ हैं, चाहे वे किसी भी रूप में हों। हमें उनकी लीला को समझकर अपने जीवन को सही दिशा देनी चाहिए।
इस कहानी से हमने जाना कि भगवान कभी-कभी अजीब रूपों में हमारी परीक्षा लेते हैं। अगर हम सच्चे मन से उन्हें याद करें, तो वे हमें सही रास्ता दिखाते हैं। घोड़ी पर मोहित होने की यह कथा हमें यही सिखाती है कि मोह-माया से दूर रहकर भक्ति का मार्ग अपनाना चाहिए।

