कालाष्टमी 2025: भगवान काल भैरव की कृपा पाने के लिए करें इन सिद्ध मंत्रों से पूजा
भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव की आराधना का पर्व कालाष्टमी हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह पावन तिथि विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए काल भैरव की कृपा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर लेकर आएगी। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे सिद्ध मंत्रों और सरल पूजा विधि से आप भैरव बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
कालाष्टमी का महत्व और पौराणिक कथा
शास्त्रों में काल भैरव को काशी का कोतवाल और भक्तों का रक्षक माना गया है। इनकी पूजा से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
पौराणिक कथा
एक कथा के अनुसार, ब्रह्मा जी और विष्णु जी के बीच श्रेष्ठता के विवाद के समय भगवान शिव ने काल भैरव रूप में प्रकट होकर ब्रह्मा जी के पांचवें मस्तक को काट दिया था। इसके बाद से यह तिथि काल भैरव की उपासना के लिए विशेष मानी जाती है।
कालाष्टमी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
- तिथि: 15 अगस्त 2025 (शुक्रवार)
- अष्टमी प्रारंभ: 14 अगस्त रात 10:42 बजे से
- अष्टमी समाप्त: 15 अगस्त रात 09:08 बजे तक
- पूजा का शुभ समय: प्रातः 05:30 से 08:30 तक
काल भैरव पूजा की विधि
पूजन सामग्री
- काल भैरव की मूर्ति या चित्र
- लाल या काला वस्त्र
- सिंदूर, अक्षत, फूल
- धूप, दीप, काले तिल
- उड़द की दाल और शराब (प्रसाद रूप में)
विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- लाल या काले कपड़े पर काल भैरव की प्रतिमा स्थापित करें
- सिंदूर से तिलक कर फूल अर्पित करें
- धूप-दीप जलाकर निम्न मंत्रों का जाप करें
- अंत में काले तिल और उड़द दाल का भोग लगाएं
काल भैरव के सिद्ध मंत्र
मूल मंत्र
ॐ भैरवाय नमः
इस मंत्र का 108 बार जाप करने से सभी प्रकार के भय दूर होते हैं।
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
काल भैरव गायत्री मंत्र
ॐ कालभैरवाय विद्महे
काशीपुराधीश्वराय धीमहि
तन्नो भैरव: प्रचोदयात्॥
कष्ट निवारण मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ नमः शिवाय
कालाष्टमी व्रत कथा और फल
इस दिन व्रत रखकर काल भैरव की कथा सुनने से सभी पापों का नाश होता है। कथा के अनुसार जो भक्त सच्चे मन से इस व्रत को करता है, उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।
कालाष्टमी पर विशेष उपाय
- काले कुत्ते को गुड़ और रोटी खिलाएं
- मंदिर में काले वस्त्र दान करें
- शमशान भूमि में दीपदान करें
- भैरव अष्टक का पाठ करें
निष्कर्ष
कालाष्टमी 2025 के इस पावन अवसर पर भगवान काल भैरव की विधि-विधान से पूजा करके आप जीवन के सभी संकटों से मुक्ति पा सकते हैं। याद रखें, सच्ची भक्ति और श्रद्धा से की गई पूजा ही सफल होती है। इन सिद्ध मंत्रों के नियमित जाप से भैरव बाबा की कृपा सदैव आप पर बनी रहेगी।
