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Laxmi Ji Ki Aarti धनवैभव की प्राप्ति के लिए करें

प्रत्येक शुक्रवार को मां लक्ष्मी की ये आरती करने से धन वैभव की प्राप्ति होती है जानिए पूजा विधि और लाभ

Published July 2, 2026
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5 Min Read

मां लक्ष्मी, धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी, हर भक्त के जीवन में आशीर्वाद बरसाने वाली हैं। शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना के लिए समर्पित माना जाता है। यदि आप नियमित रूप से लक्ष्मी जी की आरती करते हैं, तो आपके घर में धन-वैभव की कभी कमी नहीं होगी। इस लेख में हम आपको मां लक्ष्मी की आरती, उसका महत्व और पूजा विधि के बारे में विस्तार से बताएंगे।

Contents
मां लक्ष्मी की आरती का महत्वधन और समृद्धि का प्रतीकवैज्ञानिक दृष्टिकोणलक्ष्मी जी की आरती (पूर्ण हिंदी में)आरती की तैयारीलक्ष्मी जी की आरती (Lyrics)आरती के बाद की विधिलक्ष्मी आरती का सही समय और विधिशुक्रवार को करें विशेष पूजापूजा में इन बातों का रखें ध्यानमां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के अन्य उपायशुक्रवार व्रत कथाघर में लक्ष्मी का वासमां लक्ष्मी की कृपा पाने का सरल मार्ग

मां लक्ष्मी की आरती का महत्व

धन और समृद्धि का प्रतीक

मां लक्ष्मी को विष्णु प्रिया और धन की देवी माना जाता है। उनकी आरती करने से न केवल आर्थिक समृद्धि बढ़ती है, बल्कि मानसिक शांति और सुख-समृद्धि भी प्राप्त होती है।

  • शुक्रवार को विशेष फलदायी: शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन आरती करने से देवी प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर कृपा बरसाती हैं।
  • घर में सुख-शांति: नियमित आरती से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मक वातावरण बनता है।
  • कर्ज से मुक्ति: जो लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह आरती विशेष लाभकारी है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

मां लक्ष्मी की आरती में जपे जाने वाले मंत्रों की ध्वनि तरंगें वातावरण को शुद्ध करती हैं और मन को शांत करती हैं। इससे तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है।

लक्ष्मी जी की आरती (पूर्ण हिंदी में)

आरती की तैयारी

आरती शुरू करने से पहले निम्न बातों का ध्यान रखें:

  • स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
  • लक्ष्मी जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  • दीपक जलाएं और फूल, अक्षत, मिठाई आदि अर्पित करें।

लक्ष्मी जी की आरती (Lyrics)

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।  
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥  

ब्रह्माणी, रुद्राणी, कमला, तू ही है जगमाता।  
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥  

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।  
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥  

तू ही है पाताल बसंती, तू ही शुभदाता।  
कर्म-प्रभाव-प्रकाशनी, भवनिधि की त्राता॥  

जिस घर में तू निवास करत, सब सद्गुण आता।  
सब सम्भव हो जात है, मन नहीं घबराता॥  

तुम बिन यज्ञ न होत, व्रत न होत दाना।  
कुछ भी न होत पावत, मन नहीं जानता॥  

खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता।  
शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीर सागर जाता॥  

रतन चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता।  
देवी दानव मुनि-जन, सब सेवत माता॥  

लक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।  
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥  

आरती के बाद की विधि

  • आरती पूरी होने के बाद मां लक्ष्मी को प्रसाद चढ़ाएं।
  • परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें।
  • भक्ति भाव से मां लक्ष्मी का धन्यवाद करें।

लक्ष्मी आरती का सही समय और विधि

शुक्रवार को करें विशेष पूजा

शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन सुबह या शाम के समय आरती करने से विशेष लाभ मिलता है।

  • सुबह की आरती: ब्रह्म मुहूर्त (4-6 बजे) में करने से धन लाभ होता है।
  • शाम की आरती: संध्या काल (5-7 बजे) में करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।

पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

  • आरती करते समय पूर्ण श्रद्धा और एकाग्रता रखें।
  • लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनें।
  • घी का दीपक जलाएं और कमल का फूल अर्पित करें।
  • मां लक्ष्मी को मीठा प्रसाद (खीर, लड्डू) चढ़ाएं।

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के अन्य उपाय

शुक्रवार व्रत कथा

शुक्रवार को मां लक्ष्मी की कथा सुनने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। इस दिन निम्न उपाय भी कर सकते हैं:

  • गरीबों को दान दें (खाद्य सामग्री, वस्त्र आदि)।
  • तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं।
  • “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जाप करें।

घर में लक्ष्मी का वास

  • घर की साफ-सफाई रखें, विशेषकर शुक्रवार को।
  • धन रखने की जगह (तिजोरी, पूजा स्थल) को गुलाब जल से शुद्ध करें।
  • मां लक्ष्मी का यंत्र स्थापित करें।

मां लक्ष्मी की कृपा पाने का सरल मार्ग

यदि आप नियमित रूप से लक्ष्मी जी की आरती करते हैं और शुक्रवार के दिन उनकी पूजा करते हैं, तो मां लक्ष्मी आप पर अवश्य कृपा बरसाएंगी। धन, समृद्धि और सुख-शांति के लिए इस आरती को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

ध्यान रखें: भक्ति और श्रद्धा के साथ की गई पूजा ही फलदायी होती है। मां लक्ष्मी सच्चे मन से की गई आराधना को स्वीकार करती हैं।

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