MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Nag Panchami Aarti: नाग पंचमी पूजा में जरूर करें नाग देवता की आरती दुर्दशा दूर
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Nag Panchami Aarti: नाग पंचमी पूजा में जरूर करें नाग देवता की आरती दुर्दशा दूर

आज नाग पंचमी पर नाग देवता की आरती करें और दुख-दर्द से मुक्ति पाएं। जानिए पूजा विधि, महत्व और आरती के लाभ। Nag Panchami Aarti के साथ आशीर्वाद प्राप्त करें।

Published July 2, 2026
Share
5 Min Read

नाग पंचमी आरती: दुख-दर्द दूर करने का दिव्य मंत्र

हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष महत्व है। यह त्योहार श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है, जब नाग देवताओं की पूजा-आराधना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। इस पावन अवसर पर नाग पंचमी आरती का विशेष महत्व है, जिसके माध्यम से भक्त नागदेवता की कृपा पाकर जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति पा सकते हैं।

Contents
नाग पंचमी आरती: दुख-दर्द दूर करने का दिव्य मंत्रनाग पंचमी आरती का महत्ववैज्ञानिक दृष्टिकोणनाग पंचमी आरती: संपूर्ण विधिपूजन सामग्रीआरती विधिनाग पंचमी आरती (पूर्ण पाठ)आरती के बादनाग पंचमी की कथा एवं पौराणिक महत्वअन्य संबंधित कथाएंनाग पंचमी के विशेष उपायसर्प दोष निवारणधन प्राप्ति हेतुनाग पंचमी आरती का फलआधुनिक युग में नाग पंचमी का संदेशपर्यावरणीय महत्वनिष्कर्ष

नाग पंचमी आरती का महत्व

शास्त्रों में नागों को पाताल लोक का अधिपति माना गया है। नाग पंचमी के दिन इनकी पूजा-आरती करने से न केवल सर्प भय दूर होता है, बल्कि कुंडली के सर्प दोष से भी मुक्ति मिलती है।

  • सभी प्रकार के ग्रह दोषों का निवारण
  • अकाल मृत्यु से रक्षा
  • धन-धान्य की प्राप्ति
  • पारिवारिक सुख-शांति में वृद्धि

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

प्राचीन मान्यताओं के अनुसार वर्षा ऋतु में सर्प जमीन से बाहर निकलते हैं। नाग पूजन द्वारा इन जहरीले जीवों के प्रति सम्मान प्रकट कर उनके क्रोध से बचा जा सकता है।

नाग पंचमी आरती: संपूर्ण विधि

आइए जानते हैं कैसे करें नाग देवता की आराधना:

पूजन सामग्री

  • नाग देवता की मूर्ति/तस्वीर
  • दूध, घी, शहद, चीनी मिश्रित पंचामृत
  • कुमकुम, चावल, फूल
  • दीपक, धूप, अगरबत्ती
  • नैवेद्य (मीठा भोग)

आरती विधि

सर्वप्रथम स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर नाग देवता की प्रतिमा स्थापित करें।

मंत्रोच्चारण के साथ निम्नलिखित क्रम में पूजा करें:

  1. आसन शुद्धि
  2. दीप प्रज्वलन
  3. घंटा नाद
  4. नाग गायत्री मंत्र का जप

नाग पंचमी आरती (पूर्ण पाठ)

नीचे दी गई आरती को भक्तिपूर्वक गाएं:

“ॐ जय नाग देवा, जय नाग देवा
अनंत शेषनाथ, वासुकी नाग देवा…

तक्षक कर्कोटक, कालिया धरणीधर
पद्मनाथ नाग, फणीश्वर नामधर…

धरती माता के, रक्षक प्रहरी
पातालपुरी के, राजा नागेश्वरी…

दुख हरो हमारे, सुख संपत्ति दो
भक्त जनों पर, कृपा दृष्टि दो…

नाग पंचमी के, पावन अवसर पर
आरती उतारूं, स्वीकार करो हर…

ॐ जय नाग देवा, जय नाग देवा
अनंत शेषनाथ, वासुकी नाग देवा…”

आरती के बाद

  • पूजा में प्रयुक्त दूध सांपों के बिल में अर्पित करें
  • ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा दें
  • नाग देवता से अपने अपराधों के लिए क्षमा याचना करें

नाग पंचमी की कथा एवं पौराणिक महत्व

पुराणों में वर्णित है कि जनमेजय राजा ने सर्प यज्ञ किया था जिसमें सभी नाग जलने लगे। तब आस्तीक मुनि के हस्तक्षेप से यज्ञ रुका और इसी दिन से नाग पंचमी मनाने की परंपरा प्रारंभ हुई।

अन्य संबंधित कथाएं

  • भगवान कृष्ण द्वारा कालिया नाग का वध
  • शिवजी के गले में नागों का वास
  • भगवान विष्णु की शेषनाग पर शयन

नाग पंचमी के विशेष उपाय

इस दिन किए गए कुछ विशेष उपाय जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं:

सर्प दोष निवारण

  • चांदी के नाग-नागिन का दान
  • नाग मंदिर में सफेद कपड़े का दान
  • शिवलिंग पर दूध अर्पण

धन प्राप्ति हेतु

  • नाग देवता के मंदिर में सर्पिल आकृति बनाकर दीप दान
  • कच्चा दूध व चावल का दान

नाग पंचमी आरती का फल

श्रद्धापूर्वक नाग पंचमी आरती करने से मिलते हैं यह लाभ:

  • कालसर्प योग का प्रभाव कम होता है
  • जीवन में स्थिरता आती है
  • विवादों एवं मुकदमों से मुक्ति
  • भूमि संबंधी समस्याओं का निवारण
  • संतान सुख की प्राप्ति

आधुनिक युग में नाग पंचमी का संदेश

नाग पंचमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का भी संदेश देती है। सर्प पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो हानिकारक कीटों को नियंत्रित करते हैं।

पर्यावरणीय महत्व

  • सर्प संरक्षण की प्रेरणा
  • जैव विविधता के प्रति जागरूकता
  • मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व का पाठ

निष्कर्ष

नाग पंचमी का पावन पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। नाग पंचमी आरती के माध्यम से हम न केवल दिव्य आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि इन उपयोगी जीवों के संरक्षण की प्रतिज्ञा भी ले सकते हैं। इस वर्ष नाग पंचमी के पुनीत अवसर पर पूरे विधि-विधान से नाग देवता की आरती करें और जीवन में सुख-समृद्धि का आह्वान करें।

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

मौत की आहट सुन सकते हैं छह महीने पहले करें यह उपाय

Moon Black Spot: चंद्रमा को क्यों और किसने दिया श्राप दाग का रहस्य?

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

July 2, 2026

गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए

July 2, 2026

जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?