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Pitru Paksha 2025: श्राद्ध भोजन की थाली में क्या परोसें जानें सही विधि

जानें Pitru Paksha 2025 में श्राद्ध भोजन परोसने की सही विधि और आम थाली से अलग खास नियम। पितरों को प्रसन्न करने के लिए सही तरीके से तैयार करें श्राद्ध भोजन।

Published July 2, 2026
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5 Min Read

पितृ पक्ष 2025: श्राद्ध भोजन की थाली में क्या अलग होता है?

पितृ पक्ष हिंदू धर्म में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए समर्पित एक पवित्र अवधि है। इस दौरान श्राद्ध कर्म करने की विशेष महिमा बताई गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि श्राद्ध भोजन की थाली सामान्य भोजन से बिल्कुल अलग होती है? इस लेख में हम आपको बताएंगे कि पितृ पक्ष में भोजन परोसने की सही विधि क्या है और किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

Contents
पितृ पक्ष 2025: श्राद्ध भोजन की थाली में क्या अलग होता है?श्राद्ध भोजन का महत्वक्यों विशेष होता है श्राद्ध भोजन?श्राद्ध थाली में क्या-क्या शामिल करें?अनिवार्य सामग्रीभोजन के विशेष पकवानश्राद्ध भोजन परोसने की सही विधिभोजन तैयार करने से पहलेभोजन परोसते समयभोजन के बादक्या न करें श्राद्ध भोजन में?पितृ पक्ष 2025 में श्राद्ध की तिथियांनिष्कर्ष

श्राद्ध भोजन का महत्व

शास्त्रों में कहा गया है कि “पितृणां तृप्तये श्राद्धं” यानी पितरों की तृप्ति के लिए श्राद्ध कर्म किया जाता है। भोजन इसका एक अभिन्न अंग है क्योंकि मान्यता है कि पितर इसी के माध्यम से तृप्त होते हैं।

क्यों विशेष होता है श्राद्ध भोजन?

  • सामान्य भोजन की तुलना में इसमें सात्विकता पर अधिक जोर दिया जाता है
  • कुछ विशेष सामग्रियों का उपयोग किया जाता है जो पितरों को प्रिय होती हैं
  • भोजन तैयार करते समय विशेष मंत्रों का उच्चारण किया जाता है
  • परोसने की विधि में भी कई नियमों का पालन करना होता है

श्राद्ध थाली में क्या-क्या शामिल करें?

पितृ पक्ष में श्राद्ध भोजन की थाली तैयार करते समय निम्नलिखित वस्तुओं को अवश्य शामिल करें:

अनिवार्य सामग्री

  • कुशा घास: पवित्र मानी जाने वाली यह घास थाली के नीचे बिछाई जाती है
  • तिल: काले तिल का विशेष महत्व है, इसे भोजन में मिलाया जाता है
  • दूध एवं दही: शुद्ध दूध से बने उत्पादों को थाली में स्थान दें
  • शहद: मीठे के रूप में शहद का उपयोग शुभ माना जाता है
  • गाय का घी: भोजन पकाने एवं अर्पित करने में घी का उपयोग करें

भोजन के विशेष पकवान

  • खीर: चावल की खीर श्राद्ध थाली का प्रमुख अंग है
  • पूड़ी-हलवा: कुछ क्षेत्रों में यह परंपरागत व्यंजन माना जाता है
  • विभिन्न सब्जियां: लौकी, केला, बैंगन आदि सब्जियों को प्राथमिकता दें
  • फल: केला, सेब, अनार जैसे फल अवश्य शामिल करें

श्राद्ध भोजन परोसने की सही विधि

सामग्री एकत्र करने के बाद सबसे महत्वपूर्ण है उसे सही विधि से परोसना। आइए जानते हैं शास्त्रोक्त विधि:

भोजन तैयार करने से पहले

  • स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  • भोजन बनाने वाले स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें
  • चूल्हे पर “ॐ पितृदेवताभ्यो नम:” मंत्र लिखें
  • लकड़ी की आग पर ही भोजन पकाएं (यदि संभव हो)

भोजन परोसते समय

  • थाली को कुशा घास पर रखें
  • सबसे पहले गाय, कुत्ते और कौए के लिए अलग से भोजन निकालें
  • थाली में भोजन दक्षिण दिशा की ओर मुख करके परोसें
  • परोसते समय “ॐ पितृभ्य: स्वधा नम:” मंत्र का जाप करें
  • भोजन के ऊपर तिल, जल और फूल अर्पित करें

भोजन के बाद

  • ब्राह्मण भोजन कराएं और दक्षिणा दें
  • पितरों का आशीर्वाद लेने के लिए प्रार्थना करें
  • भोजन का अवशेष नदी में प्रवाहित करें या पशु-पक्षियों को खिलाएं

क्या न करें श्राद्ध भोजन में?

कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए जिन्हें श्राद्ध भोजन में वर्जित माना गया है:

  • लहसुन-प्याज: सात्विक भोजन में इनका प्रयोग न करें
  • मांसाहार: श्राद्ध कर्म में मांस, मछली, अंडा आदि वर्जित हैं
  • खट्टे पदार्थ: इमली आदि का प्रयोग न करें
  • बासी भोजन: हमेशा ताजा बना भोजन ही अर्पित करें
  • अशुद्धता: भोजन बनाते समय किसी प्रकार की अशुद्धता न होने दें

पितृ पक्ष 2025 में श्राद्ध की तिथियां

वर्ष 2025 में पितृ पक्ष 29 सितंबर से 14 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। विशेष तिथियों पर अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध कर्म अवश्य करें।

निष्कर्ष

श्राद्ध भोजन सिर्फ एक रस्म नहीं बल्कि हमारे पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। इस लेख में बताई गई विधि के अनुसार यदि आप श्राद्ध भोजन तैयार करेंगे और परोसेंगे तो निश्चित ही आपके पितृ प्रसन्न होंगे और आपको आशीर्वाद देंगे। पितृदोष से मुक्ति के लिए इन नियमों का पालन अवश्य करें।

याद रखें, श्राद्ध कर्म में भोजन की गुणवत्ता से अधिक महत्व भावना का है। पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया श्राद्ध ही सफल माना जाता है।

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