रमजान का पवित्र महीना मुस्लिम समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह एक ऐसा समय होता है जब हम ईमान, इबादत और संयम के साथ अल्लाह की राह में चलते हैं। सहरी और इफ्तार का समय इस महीने में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यही वह पल होते हैं जब हम रोजे की शुरुआत और समाप्ति करते हैं।
28 मार्च 2025 को रमजान का एक महत्वपूर्ण दिन होगा। इस लेख में, हम आपको इस दिन के सहरी और इफ्तार के सटीक समय के बारे में बताएंगे, साथ ही कुछ धार्मिक और आध्यात्मिक जानकारी भी साझा करेंगे।
28 मार्च 2025 का सहरी और इफ्तार टाइम टेबल
भारत के प्रमुख शहरों के लिए समय सारणी
यहाँ 28 मार्च 2025 को विभिन्न शहरों में सहरी और इफ्तार का अनुमानित समय दिया गया है:
- दिल्ली: सहरी – 04:56 AM, इफ्तार – 06:42 PM
- मुंबई: सहरी – 05:18 AM, इफ्तार – 06:58 PM
- लखनऊ: सहरी – 04:49 AM, इफ्तार – 06:35 PM
- हैदराबाद: सहरी – 05:04 AM, इफ्तार – 06:44 PM
- बेंगलुरु: सहरी – 05:12 AM, इफ्तार – 06:52 PM
- कोलकाता: सहरी – 04:32 AM, इफ्तार – 06:18 PM
- चेन्नई: सहरी – 05:06 AM, इफ्तार – 06:46 PM
नोट: यह समय स्थानीय मस्जिदों या इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है। सटीक जानकारी के लिए अपने नजदीकी मस्जिद से संपर्क करें।
सहरी का महत्व और दुआ
सहरी रोजे की शुरुआत का समय होता है। इस दौरान हल्का और पौष्टिक भोजन करने की सलाह दी जाती है ताकि पूरे दिन ऊर्जा बनी रहे।
सहरी की दुआ:
وَبِصَوْمِ غَدٍ نَّوَيْتُ مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ
(व बिसौमि गदिन नवैतु मिन शहरि रमजान)
“मैं कल के रोजे की नियत रमजान के महीने में करता/करती हूँ।”
सहरी के समय ध्यान रखने योग्य बातें:
- सहरी में प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन लें।
- अधिक नमक और मसालेदार भोजन से बचें।
- पानी की पर्याप्त मात्रा लें, लेकिन एक साथ न पिएँ।
- सहरी के बाद दुआ और इबादत करें।
इफ्तार का आध्यात्मिक महत्व
इफ्तार वह पवित्र क्षण होता है जब हम दिन भर के रोजे के बाद अल्लाह के आशीर्वाद से भोजन ग्रहण करते हैं। यह समय शुक्राना (धन्यवाद) और दुआ का होता है।
इफ्तार की दुआ:
اللَّهُمَّ اِنِّی لَکَ صُمْتُ وَبِکَ اٰمَنْتُ وَعَلَيْکَ تَوَکَّلْتُ وَعَلٰی رِزْقِکَ اَفْطَرْتُ
(अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुम्तु व बिका आमंतु व अलैका तवक्कल्तु व अला रिज्किका अफ्तरतु)
“हे अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोजा रखा, तुझ पर ईमान लाया, तुझ पर भरोसा किया और तेरे दिए रिज़्क से इफ्तार किया।”
इफ्तार में क्या खाएँ?
- खजूर और पानी से इफ्तार शुरू करें (सुन्नत है)।
- हल्का और पौष्टिक भोजन लें।
- तली हुई चीजों से परहेज करें।
- फल और जूस लेना फायदेमंद होता है।
रमजान 2025 में 28 मार्च का विशेष महत्व
28 मार्च 2025, रमजान का 27वां दिन हो सकता है, जो शब-ए-कद्र (लैलतुल कद्र) के नजदीक होता है। इस रात को कुरान के अनुसार हजार महीनों से बेहतर माना गया है।
इस दिन की विशेष इबादतें:
- कुरान की तिलावत करें।
- नफिल नमाज़ पढ़ें।
- दान और सदका दें।
- इस्तिगफार (माफी की दुआ) करें।
रमजान की बरकतें
रमजान का महीना हमें संयम, ईमान और इबादत का पाठ पढ़ाता है। 28 मार्च 2025 को सहरी और इफ्तार के सही समय का पालन करके हम इस महीने की पूरी बरकत हासिल कर सकते हैं।
दुआ:
اَللّٰهُمَّ اَعِنِّیْ عَلٰی ذِکْرِکَ وَشُکْرِکَ وَحُسْنِ عِبَادَتِکَ
(अल्लाहुम्मा आइन्नी अला ज़िक्रिका व शुक्रिका व हुस्नि इबादतिका)
“हे अल्लाह! मुझे अपने ज़िक्र, शुक्र और अच्छी इबादत में मदद कर।”
आशा है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी। रमजान मुबारक!
