MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: वट पूर्णिमा व्रत 2025 वट पूजा के स्थान और फायदे जानें
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

वट पूर्णिमा व्रत 2025 वट पूजा के स्थान और फायदे जानें

वट पूर्णिमा व्रत 2025 में जानें वट वृक्ष की पूजा के महत्वपूर्ण स्थान और इस व्रत के आध्यात्मिक व स्वास्थ्य लाभ। पूजा विधि और महत्व समझें।

Published July 2, 2026
Share
4 Min Read

वट पूर्णिमा व्रत 2025: पवित्र वट वृक्ष की पूजा और इसके आध्यात्मिक लाभ

हिंदू धर्म में वट पूर्णिमा का विशेष महत्व है। यह पर्व ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जिसे वट सावित्री व्रत भी कहते हैं। 2025 में यह पर्व 28 मई को पड़ रहा है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए वट वृक्ष की पूजा करती हैं। आइए जानें किन पवित्र स्थलों पर इस दिन विशेष पूजा होती है और इस व्रत के क्या फायदे हैं।

Contents
वट पूर्णिमा व्रत 2025: पवित्र वट वृक्ष की पूजा और इसके आध्यात्मिक लाभवट पूर्णिमा का पौराणिक महत्ववट पूर्णिमा पर विशेष पूजा के प्रमुख स्थल1. प्रयागराज, उत्तर प्रदेश2. वृंदावन, उत्तर प्रदेश3. उज्जैन, मध्य प्रदेश4. गया, बिहारवट पूर्णिमा व्रत के आध्यात्मिक लाभ1. पति की दीर्घायु का वरदान2. संतान सुख की प्राप्ति3. कुंडली के दोषों का निवारण4. आर्थिक समृद्धिवट पूर्णिमा व्रत की विधिवट पूर्णिमा 2025 का शुभ मुहूर्तनिष्कर्ष

वट पूर्णिमा का पौराणिक महत्व

पौराणिक कथा के अनुसार, सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से छीनकर वापस ले लिए थे। इसी दिन उन्होंने वट वृक्ष के नीचे तपस्या की थी। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।

  • वट वृक्ष को त्रिमूर्ति का प्रतीक माना जाता है – ब्रह्मा (जड़), विष्णु (तना) और शिव (शाखाएं)
  • इस दिन वट वृक्ष के नीचे बैठकर “ॐ नमो भगवते सत्यवान सावित्री पतये स्वाहा” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है
  • वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए धागा लपेटने की परंपरा है

वट पूर्णिमा पर विशेष पूजा के प्रमुख स्थल

1. प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

त्रिवेणी संगम के निकट स्थित वट वृक्ष इस दिन भक्तों से भर जाता है। यहां की पूजा को अत्यंत फलदायी माना जाता है।

2. वृंदावन, उत्तर प्रदेश

बांके बिहारी मंदिर के पास स्थित प्राचीन वट वृक्ष के नीचे विशेष आयोजन होता है।

3. उज्जैन, मध्य प्रदेश

महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित वट वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है।

4. गया, बिहार

विष्णुपद मंदिर के निकट स्थित वट वृक्ष के दर्शन को पितृ दोष निवारक माना जाता है।

वट पूर्णिमा व्रत के आध्यात्मिक लाभ

1. पति की दीर्घायु का वरदान

शास्त्रों में कहा गया है कि सच्चे मन से यह व्रत करने वाली स्त्रियों को सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मिलता है।

2. संतान सुख की प्राप्ति

वट वृक्ष की पूजा से संतान संबंधी कष्ट दूर होते हैं और संतान सुख की प्राप्ति होती है।

3. कुंडली के दोषों का निवारण

  • शनि दोष शांत होता है
  • कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है
  • पितृ दोष का प्रभाव कम होता है

4. आर्थिक समृद्धि

वट वृक्ष को धन का प्रतीक माना जाता है। इसकी पूजा से घर में लक्ष्मी का वास होता है।

वट पूर्णिमा व्रत की विधि

इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए। पूजा के लिए निम्न सामग्री तैयार करें:

  • लाल वस्त्र
  • हल्दी, कुमकुम, चावल
  • फूल, फल और मिठाई
  • धूप, दीप और कलश

वट वृक्ष के नीचे बैठकर सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें और सूत लपेटते हुए परिक्रमा करें। अंत में ब्राह्मण को दान देकर व्रत पूरा करें।

वट पूर्णिमा 2025 का शुभ मुहूर्त

28 मई 2025 को पूर्णिमा तिथि सुबह 07:39 बजे से शुरू होकर 29 मई को 04:29 बजे तक रहेगी। पूजा का शुभ समय सुबह 06:00 से 10:30 बजे तक है।

निष्कर्ष

वट पूर्णिमा का पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने और पारंपरिक मूल्यों को संजोने का अवसर देता है। यह न सिर्फ आध्यात्मिक बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वट वृक्ष पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाता है। इस पावन पर्व पर वट वृक्ष की पूजा कर हम प्रकृति और ईश्वर दोनों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

You Might Also Like

Religion: अध्यात्म के बिना मानव जीवन अधूरा

Navratri Day 3 Chandraghanta Devi Puja Ka Rahasya

Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti Lyrics जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति

Ganga Saptami 2025 मां गंगा स्तोत्रम पाठ से पाप मुक्ति

Shabari Jayanti 2025: शबरी ने पशु बलि के खिलाफ बड़ा कदम उठाया

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या महत्व कथा शुभ मुहूर्त

July 2, 2026

कालरात्रि और मां काली में समानता क्या है? | Similarity Between Kalaratri and Maa Kali

July 2, 2026

Pitru Paksha 2025: पंडित न हो तो पिंडदान कैसे करें? जानें नियम

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?